जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण का उद्घाटन किया सीतारमण ने, निष्पक्षता का फोरम बताया

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) का बुधवार को औपचारिक रूप से शुभारंभ किया और विश्वास जताया कि चेयरमैन संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता में इस पैनल की सभी 32 पीठों के सदस्य न्यायाधीकरण के प्रति देश के विश्वास पर खरे उतरेंगे।
श्रीमती सीतारमण ने यहां आज शाम आयोजित विशेष समारोह में न्यायाधिकरण का लोगो रिमोट कंट्रोल से अनावरण करते हुए इसे निष्पक्षता एवं निश्चितता का फोरम बताया है और विश्वास जताया कि यह उद्यमियों का भरोसा अर्जित करेगा।
उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि राष्ट्रीय फोरम सरल भाषा में और समय निर्णय सुनाएगा तथा उद्यमियों का भरोसा बनेगा और भारत की आर्थिक प्रगति का एक उत्प्रेरक का काम करेगा। उन्होंने कहा कि सुधार एक सतत प्रक्रिया है और यह जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण जीएसटी सुधारों की प्रक्रिया का हिस्सा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सुधार सरलता और जीवन की आसानी के लिए होते हैं तथा जीएसटी परिषद के सदस्यों के सहयोग और प्रयास से पिछले महीने ही जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों पर एक दिन की बैठक में सहमति बनी।
उन्होंने 22 सितंबर को जीएसटी सुधारों को लागू करने की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री के उस संबोधन का उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘नागरिक देवाभव:।’ वित्त मंत्री ने कहा कि ये सुधार लोगों के जीवन में सुधार के लिए हैं इसे प्रधानमंत्री ने बचत का उत्सव कहा गया है। इस बचत उत्सव के पहले दो तीन दिन में बाजार में जोरदार बिक्री के समाचार मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में अगली पीढी के सुधारों से विनिर्माण की स्थानीय क्षमता मजबूत हुई है। हमने प्रक्रिया को सरल किया है तथा सम्पर्क की जगहों को डिजटलीकृत किया है।
उन्होंने जीएसटी अपील के बारे में कहा कि जब किसी करदाता को काई आपत्ति होती है तो वह पहले जीएसटी प्रशासन के समक्ष जाता है और उसके बाद जब वह अपीलीय न्यायाधिकरण में जाएगा और उस स्तर पर अपील केंद्रीय और जीएसटी संबंधी साझा अपील बन जाएगी।
अपीलीय प्राधिकरण को भारत के सहयोगपूर्ण संघवाद का जीता-जागता उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि 2019 में अपीलीय प्राधिकरण की पीठों की अधिसूचना जारी कर दी गयी थी पर कई कानूनी कारणों से बात नहीं बढ़ सकी। अध्यक्ष की नियुक्ति 2024 में की जा सकी।
उन्होंने कहा कि अब न्यायाधिकरण के सभी सदस्यों का काम है कि वे न्यायमूर्ति श्री मिश्रा की अध्यक्षता में संस्था के प्रति देश के विश्वाास पर खरा उतरें। उन्होंने कहा कि अपील के लिए समय बढ़ाने के निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ही दिन भीड़ न बढ़े इसके लिए ऐसा किया गया है। उन्होंने जीएसटी सुधार को सहयोगपूर्ण संघवाद का यह जीता जाता उदाहरण बताते हुए कहा कि दुनिया के लिए यह एक उदाहरण है कि भारत में सुधारों को किस तरह हितधारकों के सहयोग से आगे बढ़े हैं और इसी कारण ये विश्वसनीय और भरोसेमंद होते हैं।
न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि यह देश में सबसे बड़ा अपीलीय न्यायाधिकरण होगा जिसमें 116 सदस्य और 45 स्थानों पर दिल्ली की प्रधान पीठ सहित 32 पीठें होंगी। आयोग को पहले दिन ही चार लाख से अधिक लम्बित मामलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लम्बित मामलों का यह अंबार हल करते हुए इसमें अत्यावश्यक मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत मामले एकल पीठ से जुड़े मामले होंगे जिनमें कोई बड़ा कानूनी मुद्दा नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि जीएसटीएटी ने आज पहले ही दिन यह फैसला किया है कि करदाताओं को दूसरी अपील को फाइल करने के लिए लम्बा समय दिया जाएगा ताकि शुरू में ही अपील की भरमार न हो जाए। इस व्यवस्था में अपील की समय सीमा के कारण किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
उन्होंने इस फोरम के गठन तथा इसके लिए भौतिक और डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि यह केवल एक नयी संस्था का निर्माण नहीं है बल्कि उन सुधारों को और गहन बनाना है जिन पर प्रधानमंत्री जोर देते हैं। जीएसटी का लागू करना केवल एक कर सुधार ही नहीं राष्ट्र निर्माण का संकल्प था। इस यात्रा के संकल्प में प्रौद्योगिकी की बड़ी भूमिका रही है। इससे सरकार और जनता के बीच विश्वास बढ़ा है, अनुपालन में सुधार हुआ है।
अपीलीय प्राधीकरण का निर्माण इस यात्रा की स्वाभिक प्रगति है। कोई भी कर प्रणाली निष्पक्ष विवाद समाधान प्रकिया के बीच अधूरी है। यह न्यायाधिकरण यह पुष्ट करेगा कि भारत केवल बड़ा बाजार नहीं बल्कि एक विश्वसनीय व्यवस्था वाला बाजार है।यह प्राधिकरण भारत की नयी अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को विश्वसनीय और निष्पक्ष प्रणाली बनाता है।
समारोह में श्रीमती सीतारमण के अलावा जीएसटीएटी के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव, जीएसटी परिषद के सदस्य, उद्योग व्यापार और कानूनी क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जीएसटी कानून के तहत अपीलीय न्यायाधिकारण की प्रतीक्षा थी। यह पूरे देश के लिए एक अपीलीय व्यवस्था प्रदान करेगा।

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