
शमशाबाद। शासन द्वारा मरीजों को निःशुल्क जांच सुविधा देने के लिए सरकारी अस्पतालों में सैम्पल कलेक्शन की व्यवस्था की गई है, जिसका ठेका निजी कंपनियों को दिया गया है. लेकिन शमशाबाद शासकीय अस्पताल में यह व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है. नटेरन क्षेत्र का ठेका कर्मचारी दो दिन छोड़कर ही सैम्पल लेने आते है.
आसपास के गांवों से रोजाना 150 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, जिनमें 70-80 मरीजों को ब्लड टेस्ट की आवश्यकता होती है. समय पर सैम्पल न लेने से जांच और इलाज बाधित हो रहा है. मौसम बदलने पर वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और प्लेटलेट्स की कमी जैसे मामलों में जांच अत्यंत जरूरी होती है, लेकिन व्यवस्था बिगड़ने से मरीज मजबूरी में निजी लैब्स का सहारा ले रहे हैं.
अस्पताल प्रभारी डॉ. रामबाबू मीणा ने बताया कि दो माह पहले ही कंपनी को लिखित में सूचित किया गया था कि शमशाबाद अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आते हैं और वर्कलोड अधिक है. इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है.
