नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को वृंदावन धाम में संतों की सेवा के लिए समर्पित सुदामा कुटी के शताब्दी समारोहों का शुभारंभ करेंगी। यह जानकारी आयोजकों ने मंगलवार को यहां एक विज्ञप्ति में दी।
विज्ञप्ति के अनुसार राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु वृंदावन में अपने प्रवास के दौरान बांके बिहारी मंदिर और निधि वन भी जाएंगी। विज्ञप्ति में कहा गया है, ”श्रीधाम वृंदावन में सुदामा कुटी के सौ साल पूरे होने पर होने वाले कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों होगी । इसके लिए आश्रम में भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है ।”
सुदामा कुटी की स्थापना श्री सुदामादास जी महाराज ने 1926 में की थी और तब से निरंतर यह आश्रम संतो की सेवा में लगा हुआ है । आयोजकों का कहना है कि राष्ट्रपति के वृंदावन आगमन को खास बनाने की तैयारी जोरों पर है और उनका ब्रज में पारंपरिक तरीके से स्वागत किया जाएगा
विज्ञप्ति में सुदामा कुटी के मुख्य महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज के हवाले से कहा गया है कि ऱाष्ट्रपति मुर्मु भजन कुटी का लोकापर्ण करेंगी और सुदामा कुटी में थोडा समय संतो के साथ रहेंगी । सुदामा कुटी आश्रम बंशीवट और गोपेश्वर महादेव मंदिर के बीच स्थित है जहां हजारों संतो की सेवा की जाती है। अपनी नि:शुल्क सेवाओं के लिए जाना जाना वाला सुदामा कुटी आश्रम संतों के बीच अपनी अलग पहचान रखता है ।
बिहार के गोपालगंज जिला स्थित छिपाया गांव में 1899 ई में जन्मे संत सुदामा दासजी बचपन में वैराग्य भाव के वश में आकर जनकपुर तथा अयोध्याजी पहुंचे। वहां वास करने के बाद उन्होंने 1926 में वृंदावन आ कर सुदामाकुटी की स्थापना की और संत सेवा में लग गये ।
