मुंबई, 22 सितंबर (वार्ता) निर्माण एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र की देश की अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के नवीकरणीय ऊर्जा खंड ने सऊदी अरब में अपनी तरह की पहली यानबू ग्रीन अमोनिया परियोजना के एक हिस्से के निर्माण के लिए एसीडब्ल्यूए पावर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।
यानबू ग्रीन हाइड्रोजन हब की परिकल्पना एक पूर्णतः एकीकृत संयंत्र के रूप में की गयी है, जिसमें पूरी तरह से सौर और पवन ऊर्जा द्वारा संचालित नवीकरणीय बिजली उत्पादन होगा। परियोजना के नवीकरणीय और ग्रिड क्षेत्र में सौर पीवी, पवन और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली संयंत्रों के साथ-साथ संबंधित सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनें सहित कई सुविधायें शामिल हैं।
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य नवीकरणीय और ग्रिड क्षेत्र के लिए डिजाइनिंग और प्रदर्शन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक सहायक ढांचा स्थापित करना है। अंतिम प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद एलएंडटी को इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) की जिम्मेदारी दी जायेगी।
एसीडब्ल्यूए पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्को आर्केली ने कहा, “ग्रीन अमोनिया के विकास और निर्यात के माध्यम से हमारा लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों को उनके कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों में सहयोग देना और एक स्वच्छ, अधिक टिकाऊ दुनिया का मार्ग प्रशस्त करना है।”
लार्सन एंड टुब्रो के बोर्ड सदस्य एवं वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष (यूटिलिटीज) टी. माधव दास ने इस समझौता ज्ञापन को महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुये कहा, “सऊदी अरब स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन कम करने वाला एक अग्रणी देश है। दूरदर्शी कार्यक्रमों और पहलों के कारण हाल के वर्षों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। यह पूर्व और पश्चिम के बीच रणनीतिक रूप से स्थित है। हमें क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के एकीकरण को बढ़ावा देने की इसकी महत्वाकांक्षाओं में योगदान देने में खुशी हो रही है – खासकर भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे में।”
