
सुनिल योगी बागली। रविवार को सर्व पितृ अमावस्या पर्व पर बागली अंचल क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर एक लाख से अधिक लोगों ने अमावस्या के महत्व को अलग-अलग तरीके से मनाया क्षेत्र मे धारा जी स्नान घाट और चद्रंकेशर घाट पर शासन प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था एक दिन पूर्व से की थी। वही हाट पिपलिया गायत्री शक्तिपीठ पर बड़ी संख्या में जजमान श्रद्धालुओं ने आकर अपने इष्ट मित्र और ज्ञात अज्ञात मृत आत्माओं का तर्पण किया इसी प्रकार पिपरी स्थित मनकामेश्वरी नर्मदा माता मंदिर परिसर में भी विगत कई वर्षों से जारी परंपरा के दौरान प्रकृति का आपदा में और पहल गांव में शहीद हुई मृत आत्माओं के लिए तथा ज्ञात अज्ञात संत साधू और नदियों किनारे विचरण करने वाले तपस्वी लोगों का तर्पण विधि विधान से किया गया हाटपिपलिया से गायत्री परिवार के भक्त संजय जोशी ने बताया कि गायत्री शक्तिपीठ पर विगत 28 वर्ष से तर्पण विधि का कार्य किया जाता है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में परिजन यहां पर शामिल होते हैं। पिपरी स्थित मनकामेश्वरी मंदिर सनातन सेवा समिति के सदस्य गिरधर गुप्ता ने भी बताया कि विगत 20 वर्षों से नर्मदा मंदिर परिसर में वर्ष की दोनों सर्व पितृ अमावस्या पर तर्पण विधि कार्यक्रम संपन्न होता है। यह कार्यक्रम विद्वान पंडितों की देखरेख में विधि विधान से संपन्न होता है। कुछ लोग जटाशंकर तीर्थ पर भी स्नान करने पहुंचे बारिश अधिक होने की वजह से सभी स्नान घाट पर पर्याप्त पानी होने की वजह से शासन प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त साधन उपलब्ध रखें धारा जी और चंद केसर में पुलिस बल तैनात रहा। धारा जी स्नान करने गए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्हें घाट पर जाकर अच्छा लगा लेकिन 14 किलोमीटर का मार्ग बेहद खराब होने से बहुत परेशानी आई।
