
बीना। सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर सुबह से ही लोगों ने अपने पितरों की विदाई के लिए देव रघुनाथ बड़ा मंदिर स्थित मोतीचूर घाट पर एकत्रित हुए। पंडित मनोहर तिवारी के सानिध्य में लोगों ने अपने पुरखों को तर्पण कर विदाई दी। इस दौरान लोगों ने पवित्र जल में स्नान कर अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।पितृ पक्ष की महत्ता मृत्यु के अंतराल के बाद भी हमारे पुरखे हमसे जुड़े रहते हैं। यह स्मृति ही हमें जड़ों से जोड़ती है, परिवार के संस्कारों से जोड़ती है और बताती है कि दुनिया कितनी भी बदल जाए, हम लोग अपनी परंपरा के सच्चे उत्तराधिकारी हैं।श्राद्ध कर्म के बहाने हमारे पुरखे हमसे जुड़े रहते हैं, और हमारी स्मृतियों में सदा कायम रहते हैं।सर्व पितृ देवो भवः
ॐ सर्वेभ्यो पितृभ्यो नमः
सर्वपितृ अमावस्या के दिन लोग अपने पितरों को विदाई देते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं इस दिन पितरों को तर्पण करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और परिवार को उनका आशीर्वाद मिलता है।
