उज्जैन: सिंहस्थ 2028 में जो श्रद्धालु सड़क मार्ग से उज्जैन पहुंचेंगे उन सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन में तब्दील किया जा रहा है, ऐसे में झालावाड़ तक नेशनल हाईवे को फोरलेन बनाने की तैयारी तेज हो गई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नक्शा तैयार कर लिया गया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है.
इस प्रोजेक्ट का जल्द ही राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।भोपाल स्तर पर अनुमतियो का दौर भी चल रहा है, किसानों को मुआवजा भी जमीन अधिग्रहण के बदले दिए जाएंगे.
25 हजार करोड़ है लागत
परियोजना की लागत लगभग 25 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है. पहले चरण में सड़क अलायमेंट की डिजाइन तैयार कर ली गई है. राजस्व विभाग ने भू-अर्जन के लिए सर्वे नंबर चिह्नित कर अधिसूचना राजपत्र प्रकाशन हेतु भेज दी है.
गडकरी ने की घोषणा
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उज्जैन जिले के घोंसला से आगर जिले के सोयत-चंवली बॉर्डर तक फोरलेन निर्माण की घोषणा की थी. इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राजस्व विभाग ने मिलकर भूमि सर्वे और अलायमेंट की प्रक्रिया पूरी की है.
134 किमी के फोरलेन बनने के फायदे
उज्जैन और झालावाड़ का सीधा और तेज़ संपर्क होगा।आगर-मालवा जिले को राजस्थान से जोड़ने में मदद मिलेगी. लगभग 134 किलोमीटर लंबा यह हाईवे क्षेत्र के विकास की नई राह खोलेगा. तनोडिया, घोसला ,आगर, सोयत, सुसनेर को इस फोरलेन के प्रोजेक्ट में बायपास किया जाएगा। मार्ग में कई स्थानों पर फ्लाईओवर भी बनेंगे.
आगे की प्रक्रिया
अधिसूचना प्रकाशन के बाद दावे–आपत्तियां निपटाई जाएंगी. उसके उपरांत भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू होगी. प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित कर दिया जाएगा और फोरलेन का काम धरातल पर शुरू होगा.
