सतना: विपरीत परिस्थितियों के चलते जेल में निरुद्ध होने के बावजूद भी शिक्षित होने को लेकर बंदियों में कितना उत्साह होता है इसकी एक बानगी केंद्रीय जेल सतना में आयोजित उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में देखने को मिली. परीक्षा में कुल 120 बंदी सम्मिलित हुए. इतना ही नहीं बल्कि मूल्यांकन परीक्षा से उत्साहित बंदियों द्वारा आगे चलकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा भी जताई गई.
अधीक्षक केंद्रीय जेल सतना श्रीमती लीना कोष्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रौढ़ अधिकारी कार्यालय सतना के सौजन्य से संकुल केंद्र शासकीय उमा विद्यालय घूरडांग के तत्वावधान में शनिवार को केंद्रीय जेल परिसर में स्थित जेल विद्यालय में उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई. इस परीक्षा में जेल में निरुद्ध कुल 120 बंदी सम्मिलित हुए.
कल्याण अधिकारी केंद्रीय जेल सतना अनिरुद्ध कुमार तिवारी ने शनिवार को आयोजित परीक्षा के केंद्र अधीक्षक की जिम्मेदारी निभाई. इसी कड़ी में परीक्षा आयोजित करने को लेकर प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के साक्षरता प्रभारी चंद्र कुमार निगम, शशिभूषण सोनी और गौरव सोनी द्वारा सक्रिय सहयोग दिया गया. उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में अधिक से अधिक संख्या में बंदी सम्मिलित हों. इसे लेकर उप जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी, सोनबीर सिंह, सहायक जेल अधीक्षक अभिमन्यू पाण्डेय और अष्टकोण अधिकारी फिरोजा खातून द्वारा बंदियों को प्रेरित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई.
भोज-इग्नू से मिल रही शिक्षा
अधीक्षक केंद्रीय जेल सतना श्रीमती कोष्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को शिक्षा प्राप्त करने के प्रति जागरुक करने का कार्य निरंतर जारी रहता है. इसके साथ ही इस बात का भी भरसक प्रयास किया जाता है कि जेल में निरुद्ध बंदियों को साक्षर बनाने से शुरु करते हुए उन्हें प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा भी प्रदान की जाए. बंदियों को भोज मुक्त विश्वविद्यालय और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त होती है. पुराने बंदी रिहा होते हैं, नए आते हैं. आने वाले बंदियों में कुछ निरक्षर होते हैं, जिन्हें साक्षर किया जाता है.
पिछले 10 वर्ष में उत्तीर्ण हुए 348 बंदी
अधीक्षक केंद्रीय जेल सतना श्रीमती कोष्टा ने जानकारी देते हुए यह भी बताया कि पिछले 10 वर्ष में अब तक आधा दर्जन बार उल्लास नवभारत मूल्यांकन परीक्षा आयोजित हो चुकी है. जिसमें कुल 363 बंदी सम्मिलित हुए और उनमें से 348 बंदी परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफलता प्राप्त कर चुके हैं. अगस्त 2015 में और मार्च 2022 में आयोजित परीक्षा में सम्मिलित हुए क्रमश: 98 और 49 बंदियों ने शत प्रतिशत सफलता प्राप्त की थी. वहीं 2023 में 50 में से 49 बंदी उत्तीर्ण रहे. जबकि 2024 में दो बार आयोजित हुई परीक्षा में 136 बंदियों में से 122 बंदी उत्तीर्ण हुए. इसके अलावा इस वर्ष के फरवरी महीने में आयोजित परीक्षा में सम्मिलित 30 बंदी शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर चुके हैं.
