दाहिया समाज की प्रदेश के विकास में विशेष भूमिका 

रीवा।उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि दाहिया समाज का प्रदेश में विकास में विशेष योगदान है. कोटवार शब्द कोई जाति या धर्म नहीं बल्कि एक पद है. उन्होंने कहा कि इस शब्द को शासन के रिकार्ड से विलोपित कराने का प्रयास किया जायेगा. उप मुख्यमंत्री दाहिया समाज सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए.

मानस भवन में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दाहिया समाज का सम्मेलन इसके पूर्व वर्ष 2015 में आयोजित हुआ था तब भी मैंने भी उसमें भाग लिया था आज 15 साल बाद मुझे पुन: इस कार्यक्रम में आने का अवसर मिला. दाहिया समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग पूरी हुई है और यह समाज शासन की योजनाओं का लाभ ले पाने में सफल हो रहा है. उन्होंने कहा कि समाज का संघर्ष पूरा हुआ. सरकार का काम यही होता है कि वह लोगों की आवाज सुने और उनकी जायज मांगों को पूरा करें. श्री शुक्ल ने कहा कि इससे पूर्व की सरकार लोगों की जायज मांगे नहीं सुनती थीं. रीवा, विन्ध्य और मध्यप्रदेश बीमारू राज्य बन गया था अब कोई भी इन्हें पिछड़ा व बीमारू नहीं कह सकता. आज रीवा महानगर की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना 75वां जन्मदिवस मध्यप्रदेश के गरीब व आदिवासी लोगों के बीच मनाया. उन्होंने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने माताओं, बहनों से कहा कि सभी लोग स्वास्थ्य केन्द्र जाकर अपनी संपूर्ण जांच करायें और इस अभियान को सफल बनायें. प्रधानमंत्री जी के ही संकल्प से हर घर में मीठा पानी पहुंचाया जा रहा है. श्री शुक्ल ने दाहिया समाज के लोगों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने की अपेक्षा की. सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया. इस दौरान रीवा एवं शहडोल संभाग के दाहिया समाज के पदाधिकारी तथा समाज के स्थानीय लोग उपस्थित रहे.

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