
जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत संस्कारधानी के प्राचीन जल स्रोतों के दिन बदलने वाले हैं। मुख्यमंत्री के विजन को धरातल पर उतारते हुए जिला एवं नगर निगम प्रशासन अब शहर की ऐतिहासिक बावलियों और तालाबों को उनके पुराने वैभव में लौटाने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गया है।
शनिवार को कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह एवं नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने महाराजपुर स्थित ऐतिहासिक बावली सहित शहर के विभिन्न विकास कार्यों का सघन निरीक्षण किया। महाराजपुर की प्राचीन बावली के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने इसके ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई एवं सौंदर्यीकरण बावली की सफाई कराकर उसे पूर्णत: स्वच्छ किया जाए। और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए बावली को उसके पारंपरिक स्वरूप में वापस लाया जाए।
जल संरचनाओं को आत्मनिर्भर बनाना है लक्ष्य
अधिकारी द्वय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि इन जल संरचनाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि ये शहर की जलापूर्ति में सहायक सिद्ध हों। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर और निगमायुक्त ने कृषि विश्वविद्यालय एवं गोहलपुर पुलिया का भी निरीक्षण किया और पुलिया चौड़ीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के साथ अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक चौबंद रखने निर्देश दिए।
