
इंदौर। उज्जैन हाईवे पर भाजपा विधायक गोलू शुक्ला की बताई जा रही बाणेश्वरी ट्रेवल्स की तेज रफ्तार बस ने एक ही परिवार के चार लोगों की जान ले ली. लेकिन सवाल यह है कि तीन दिन पहले ट्रक हादसे पर बवाल काटने वाले संगठन, नेता और प्रशासन अब क्यों मौन हैं?
इंदौर-उज्जैन फोरलेन हाईवे पर बुधवार रात ग्राम रिंग्नोदिया के पास हुआ भीषण हादसा पूरे परिवार को निगल गया. खरगोन जिले के सनावद निवासी महेंद्र सोलंकी (45), उनकी पत्नी जयश्री (40) और 16 वर्षीय बेटा जिगर बाइक पर सवार थे, जिन्हें रात करीब साढ़े 10 बजे भाजपा विधायक गोलू शुक्ला की बताई जा रही बाणेश्वरी ट्रेवल्स की बस (एमपी 09 एफए 6390) ने रौंद दिया. इन तीनों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं, महेंद्र का 12 वर्षीय बेटा तेजस भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसकी गुरुवार तड़के इलाज के दौरान मौत हो गई.
इस तरह महेंद्र सोलंकी का पूरा परिवार खत्म हो गया. चारों का पोस्टमार्टम अरबिंदो अस्पताल में हुआ, जिसके बाद परिजन शवों को गृहग्राम सनावद ले गए जहाँ शुक्रवार को अंतिम संस्कार होगा.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस ड्राइवर न केवल तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था, बल्कि मोबाइल पर लगातार बात भी कर रहा था. यात्रियों ने कई बार टोका, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया और बाइक को कुचल दिया.
अब सवाल उठ रहे हैं कि तीन दिन पहले इंदौर एरोड्रम रोड पर ट्रक से तीन लोगों की मौत पर राजनीतिक दल, संगठन और करणी सेना तक सड़कों पर आ गए थे, लेकिन इस हादसे में विधायक की बस शामिल होने के कारण सभी खामोश क्यों हैं? प्रशासन ने भी अब तक मृतकों के परिवार के लिए संवेदना या सहायता की घोषणा तक नहीं की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इंदौर-उज्जैन मार्ग पर नेताओं से जुड़ी इन बसों का अंधाधुंध संचालन आम लोगों के लिए खतरा बन चुका है. पिछले साल भी सांवेर के पास ऐसी ही बस ने दो लोगों की जान ली थी, लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई. सवाल है कि चार मौतों के बाद भी क्या जिम्मेदार खामोश ही रहेंगे?
