मुंबई, 26 मार्च (वार्ता) इंडसइंड बैंक ने गुरुवार को कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम पेश की, जिसके तहत ग्राहक पुनर्निवेश तक दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ को जमा रख सकते हैं और इस दौरान आयकर कानून के तहत कर छूट का लाभ उठा सकते हैं।
बैंक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह योजना पूंजीगत लाभ को पुनर्निवेश तक सुरक्षित और नियमों के अनुरूप रखने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे ग्राहक निर्धारित वैधानिक समय सीमा के भीतर सोच-समझकर उस पूंजी को दोबारा निवेश करने के बारे में निर्णय ले सकेंगे।
यह योजना केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से अनुमति मिलने के बाद पेश की गयी है। बोर्ड ने इंडसइंड बैंक को पूंजीगत लाभ योजना, 1988 के अंतर्गत जमा स्वीकार करने की अनुमति दी है।
इस योजना के तहत, बैंक पात्र पूंजीगत परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त अप्रयुक्त राशि को जमा के रूप में स्वीकार करेगा, जिसमें आवासीय संपत्तियां, फ्लैट, फार्महाउस, कृषि भूमि, शहरी भूमि और विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की भूमि शामिल हैं।
कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम के तहत इंडसइंड बैंक दो प्रकार के खाते प्रदान करता है – बचत खाता और सावधि जमा खाता। ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार, खाते का चयन कर सकते हैं।
यह योजना अधिकृत गैर-ग्रामीण शाखाओं में पात्र ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। भारतीय नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार, गैर-व्यक्तिगत संस्थाएं और अनिवासी भारतीय शामिल हैं।
इंडसइंड बैंक ने पेश की कैपिटल गेन अकाउंट स्कीम
