अमेरिकी राष्ट्रपति ने जताई उम्मीद, चीन पर भी बोला हमला; व्यापार असंतुलन को दूर करने और आर्थिक संबंधों को गहरा करने पर रहेगा जोर।
वॉशिंगटन, 2 जुलाई (नवभारत): अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा चुनाव में प्रमुख दावेदार डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही ‘बहुत कम टैरिफ’ (very little tariffs) वाला व्यापार समझौता होगा। ट्रंप के इस बयान को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
अपने एक हालिया बयान में, ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ एक बहुत ही अच्छा व्यापार समझौता करेंगे। यह बहुत कम टैरिफ वाला समझौता होगा।” उन्होंने आगे कहा कि चीन के साथ व्यापार घाटा भी कम होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका दोनों ही अपने व्यापारिक संबंधों को और सुदृढ़ करने के इच्छुक हैं। ट्रंप का यह रुख, जो पहले भारत पर “टैरिफ किंग” होने का आरोप लगाते थे, उनके बदलते दृष्टिकोण को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि अगर वह दोबारा सत्ता में आते हैं, तो भारत के साथ व्यापारिक संबंध उनकी प्राथमिकता में रहेंगे। पिछले कुछ वर्षों में, दोनों देशों के बीच व्यापारिक मुद्दों पर कुछ मतभेद रहे हैं, खासकर टैरिफ को लेकर। ट्रंप के इस नए बयान से उम्मीद जगी है कि ये मुद्दे जल्द ही सुलझ जाएंगे और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार में और वृद्धि होगी।
आर्थिक संबंधों में नया अध्याय, चीन पर भी साधा निशाना
ट्रंप के इस बयान से भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग में एक नया अध्याय खुलने की संभावना है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है, और ऐसा कोई समझौता इस वृद्धि को और गति देगा।
ट्रंप ने अपने बयान में चीन पर भी निशाना साधा और कहा कि चीन के साथ उनका व्यापार घाटा भी कम होगा। यह दर्शाता है कि उनकी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत वे व्यापार असंतुलन को गंभीरता से ले रहे हैं। भारत के साथ ‘कम टैरिफ’ वाला समझौता न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भी विविधता लाएगा, जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह संभावित समझौता कब और कैसे आकार लेता है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि यह दोनों देशों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगा।

