
बॉलीवुड, टॉलीवुड और अन्य फिल्म उद्योगों में बन रहे विशाल यूनिवर्स; स्पाई थ्रिलर, हॉरर-कॉमेडी, माइथोलॉजी और सुपरहीरो की दुनिया का विस्तार।
मुंबई, 2 जुलाई (नवभारत): हॉलीवुड की तर्ज पर अब इंडियन सिनेमा भी ‘सिनेमैटिक यूनिवर्स’ के कॉन्सेप्ट को बड़े पैमाने पर अपना रहा है। एक-दूसरे से जुड़ी कहानियों और किरदारों के साथ, ये फिल्म यूनिवर्स दर्शकों को एक विशाल और रोमांचक दुनिया का अनुभव कराने के लिए तैयार हैं। यश राज फिल्म्स (YRF) के सफल स्पाई यूनिवर्स से लेकर पौराणिक कहानियों और हॉरर-कॉमेडी तक, भारतीय फिल्म उद्योग में कम से कम पांच बड़े सिनेमैटिक यूनिवर्स अपनी फिल्मों के साथ दर्शकों पर राज करने आ रहे हैं।
इन यूनिवर्स में सबसे प्रमुख है YRF स्पाई यूनिवर्स, जिसने ‘एक था टाइगर’, ‘टाइगर ज़िंदा है’, ‘वॉर’, ‘पठान’ और ‘टाइगर 3’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। इस यूनिवर्स की अगली कड़ी में ‘वॉर 2’ (अगस्त 2025) आने वाली है, जिसमें ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर जैसे बड़े सितारे पहली बार एक साथ दिखेंगे। इसके बाद, ‘अल्फा’ (दिसंबर 2025) नामक एक फीमेल-सेंट्रिक स्पाई फिल्म और बहुप्रतीक्षित ‘टाइगर वर्सेज पठान’ भी इस यूनिवर्स का हिस्सा होंगी, जिसमें सलमान खान और शाहरुख खान एक साथ नजर आएंगे। इसके अलावा, मैडॉक हॉरर कॉमेडी यूनिवर्स (जिसमें ‘स्त्री’, ‘भेड़िया’, ‘मुंज्या’ जैसी फिल्में शामिल हैं) भी अपनी अगली फिल्मों जैसे ‘थमा’ (अगस्त 2025), ‘शक्ति शालिनी’ (2025), ‘भेड़िया 2’ (2026), और ‘स्त्री 3’ (2027) के साथ तैयार है।
महावतार, लोकेश और प्रशांत वर्मा यूनिवर्स: पौराणिक, एक्शन और सुपरहीरो का संगम
दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। निर्देशक लोकेश कनगराज का लोकेश सिनेमैटिक यूनिवर्स (LCU), जिसमें ‘कैथी’, ‘विक्रम’ और ‘लियो’ जैसी सफल एक्शन थ्रिलर शामिल हैं, अपनी अगली फिल्म ‘बेंज’ के साथ आ रहा है। यह यूनिवर्स साउथ इंडिया में ड्रग कार्टेल और कानून प्रवर्तन के बीच संघर्ष पर केंद्रित है।
इसके साथ ही, पौराणिक कथाओं पर आधारित दो विशाल यूनिवर्स भी दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। पहला है महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स, जो भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों पर आधारित एनिमेटेड फिल्मों की एक श्रृंखला है। इसकी पहली फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ (जुलाई 2025) रिलीज होगी, जिसके बाद ‘परशुराम’, ‘रघुनंदन’ और ‘कल्कि’ जैसी फिल्में 2037 तक प्लान की गई हैं। दूसरा, प्रशांत वर्मा सिनेमैटिक यूनिवर्स जिसने ‘हनु-मैन’ जैसी सफल सुपरहीरो फिल्म के साथ शुरुआत की, अब ‘जय हनुमान’ जैसी फिल्मों के साथ अपने सुपरहीरो को पौराणिक कथाओं से जोड़ते हुए बड़ा विस्तार कर रहा है। ये सिनेमैटिक यूनिवर्स न केवल बड़ी कमाई का साधन बन रहे हैं, बल्कि भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान भी दे रहे हैं, जहां कहानियां और किरदार सीमाओं से परे एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं।
