वाशिंगटन, 18 सितंबर (वार्ता) अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अर्थव्यवस्था के मिश्रित संकेतों के बीच बुधवार को नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की।फेडरल मुक्त बाजार समिति की दो दिवसीय बैठक के बाद फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बेरोजगारी दर कम बनी हुई है, लेकिन इसमें वृद्धि हुई है और रोजगार सृजन सुस्त हुआ है। रोजगार को लेकर जोखिम बढ़ा है। मुद्रास्फीति में इजाफा हुआ है और यह उच्च स्तर पर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पहली छमाही में 1.5 प्रतिशत के आसपास रही है, जो पिछले साल की पहली छमाही के 2.5 प्रतिशत से काफी कम, लेकिन फेड के जून के अनुमान से अधिक है। समिति ने इस साल जीडीपी वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत और अगले साल 1.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।
इन सभी कारकों को देखते हुए समिति ने नीतिगत ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25 प्रतिशत) की कमी करते हुए इसे 4 प्रतिशत से 4.25 प्रतिशत के बीच रखने का फैसला किया। साथ ही भविष्य में और कटौती के भी संकेत दिये।
फेड का यह कदम पहले से ही अपेक्षित था और भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों ने पिछले करीब दो सप्ताह में अपना निवेश बढ़ा दिया था जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी-50 जुलाई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गये हैं।
समिति के 12 में से 11 सदस्यों ने दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती के पक्ष में मत दिया जबकि एक सदस्य ने 0.50 प्रतिशत कटौती के लिए वोट किया।

