
सागर। दिगंबर जैन अयोध्या तीर्थ क्षेत्र कमेटी के तत्वाधान और तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत महासंघ के सहयोग से जैन शास्त्रों का संरक्षण और प्रबंधन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला में सागर से प्रतिभागियों ने भी भाग लिया और अपने विचार रखते हुए सागर के जैन मंदिरों में उपलब्ध शास्त्रों के संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया ताकि आगामी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर से रूबरू कराया जा सके। प्रतिनिधि मंडल में रक्तवीर समीर जैन, डॉ अजित जैन, सुनील मालथौन,डॉ सुमति प्रकाश जैन,नीलेश जैन, दीपाली जैन,महिमा जैन, साक्षी जैन, आलोक जैन शामिल हुए। इस अवसर पर रक्तवीर समीर जैन की बुंदेलखंड क्षेत्र में जैन शास्त्रों के संरक्षण में उल्लेखनीय भूमिका और 80 बार रक्तदान पर कार्यक्रम संयोजक डॉ संजीव सराफ, महासंघ महामंत्री विजय कुमार जैन और क्षेत्र मंत्री डॉ जीवन प्रकाश जैन द्वारा सम्मान किया गया। सभी की 92 वर्ष की और 500 शास्त्रों की लेखिका जैन धर्म की सर्वोच्च साध्वी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी, प्रज्ञाश्रमनी चंदनामति माताजी और पीठाधीश स्वास्तिश्री स्वामी रवींद्र कीर्ति महाराज का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
