नयी दिल्ली,17 जुलाई (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में हाल की ट्रेन-स्कूल वैन टक्कर की घटना पर मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया है।
गत आठ जुलाई को हुई दुर्घटना में तीन बच्चों की मौत हो गयी थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
आयोग ने रेल मंत्रालय , रेलवे बोर्ड अध्यक्ष , तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करके दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने घायल बच्चों की मौजूदा स्वास्थ्य के बारे में भी अवगत कराने के लिए कहा है।
आयोग ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि यह घटना मानवाधिकार का उल्लंघन है,खासकर इस तथ्य के मद्देनजर कि रेलवे ने लेवल क्रॉसिंग के स्थान पर एक अंडरपास बनाने की मंजूरी दी थी, लेकिन जिला कलेक्टर से एक साल से अधिक समय तक अनुमोदन न मिलने के कारण परियोजना में विलंब हुआ।आयोग का मानना है कि मीडिया रिपोर्ट की सामग्री यदि सत्य है, तो मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है।
गत नौ नौ जुलाई को मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि दक्षिण रेलवे ने दुर्घटनास्थल पर अंडरपास के निर्माण को पहले ही मंज़ूरी दे दी थी, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण काम शुरू नहीं हो पाया।
