
भोपाल: भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंड पर संचालित हो रही अवैध शराब दुकान-कम-बार से रहवासी आक्रोशित हैं। रहवासियों द्वारा लगातार शिकायतों के बावजूद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। परेशान होकर लोगों ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने 28 जुलाई को मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के अंतर्गत संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि 15 दिनों के भीतर जांच कर कार्रवाई प्रतिवेदन (एटीआर) प्रस्तुत किया जाए। परंतु स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद आयोग ने आबकारी आयुक्त और भोपाल कलेक्टर को सशर्त सम्मन जारी कर 3 अक्टूबर को दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में आवश्यक प्रतिवेदन सहित व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।
इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने आनन-फानन में रहवासियों के बयान दर्ज किए। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने सरकार पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि दुकान बंद कर लाइसेंस रद्द नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। वहीं रहवासियों ने भी चेतावनी दी है कि अगर अवैध दुकान पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
