श्रीनगर (उत्तराखंड), 16 सितंबर (वार्ता) चारधाम यात्रा और देश की सामरिक दृष्टि से अहम राष्ट्रीय राजमार्ग-58 (07) एक बार फिर गंभीर संकट के मुहाने पर है। श्रीनगर से मात्र छह किलोमीटर दूर बदरीनाथ मार्ग फ्रांसु गांव के निकट लगातार हो रहे भूधंसाव और भूस्खलन ने मार्ग को यात्रियों और सरकार दोनों के लिए चुनौती बना दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीनगर में जीवीकेई द्वारा निर्मित बांध इस समस्या का मुख्य कारण है। अलकनंदा नदी के तेज बहाव के चलते राष्टीय राजमार्ग की नींव को अंदर से खोखला कर रहा है, जिससे जमीन कटकर नीचे धंस रही है। यह केवल एक यातायात की समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और चारधाम यात्रा पर सीधा असर डालने वाला मुद्दा बन चुका है।
सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए टीएचडीसी को इस संकट का स्थायी समाधान निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है। टीएचडीसी ने इस मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंप दी थी, जिसे जांच के बाद केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। अब केंद्र से स्वीकृति मिलते ही इस धंसावग्रस्त हिस्से को स्थायी रूप से दुरुस्त करने का काम शुरू होगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि आने वाले मानसून से पहले समाधान लागू हो जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि अगली बरसात में यात्रियों को इस स्थान पर किसी भी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
बदरीनाथ मार्ग पर भूधंसाव का संकट गहराया
