भोपाल: कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर जनसुनवाई योजना की वास्तविकता उजागर की है। उन्होंने लिखा कि गरीब और वंचित वर्ग को न्याय दिलाने तथा प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना अब महज दिखावा बन गई है। अफसरों की संवेदनहीनता के कारण आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा और शिकायतें लंबित पड़ी रहती हैं।
दिग्विजय ने सागर जिले की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि 9 सितंबर 2025 की जनसुनवाई में दिव्यांग अर्जुन सिंह लोधी प्रमाण पत्र न मिलने से सड़क पर लेट गए। आवास योजना में परेशानियां झेल रहे सुरेश कुशवाह अफसरों को खुश करने फूलमाला लेकर पहुँचे, जबकि किसान हेमराज पटेल मुआवजा न मिलने से फूट-फूटकर रो पड़े। इसके अलावा कलेक्टोरेट के सामने फांसी लगाने, केरोसिन छिड़ककर आग लगाने और आत्महत्या के प्रयास जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं।दिग्विजय ने पत्र में मांग की है कि सरकार या तो इस योजना को बंद करे या इसे सार्थक बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशील और जवाबदेह बनाए।
