
मंडला।जनपद पंचायत घुघरी की ग्राम पंचायत लाफन के सिमरिया गांव में लापरवाही ने चार मासूम जिंदगियां निगल लीं। गांव में पीने के लिए स्वच्छ पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरी में ग्रामीण गंदे कुएं का पानी पी रहे थे, जिसके चलते उल्टी-दस्त (डायरिया) फैलने से दो दिनों में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पूरे गांव में एक भी हैंडपंप तक नहीं है—यह तस्वीर सिर्फ सिमरिया की नहीं, मंडला जिले के कई और गांवों की भी हकीकत है।
साल दर साल मौतें होती रहीं, कागजों पर योजनाएं बनती रहीं, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं बदला। हर बार जनपद पंचायत और जल विभाग अनुदान, ब्लीचिंग पाउडर और शुद्ध पानी की घोषणाओं की विज्ञप्ति जारी कर जिम्मेदारी से बच निकलते हैं। बारिश आते ही मौत का सिलसिला दोहराया जाता है और जिम्मेदार महकमे आंखें मूंदे रहते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव के सभी पीने के स्रोतों की सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है। यह केवल चार मौतों का आंकड़ा नहीं, बल्कि तंत्र की विफलता का जीवंत सबूत है। अगर अब भी प्रशासन नहीं जागा तो अगली बरसात में यह मौत का कुआं और कितनी जिंदगियां निगलेगा, कहना मुश्किल है।
