इंदौर: पिछले एक साल में इंदौर जिले में मच्छरों और अन्य वाहकों से फैलने वाले रोगों का दायरा तेजी से बढ़ा है. सरकारी और निजी अस्पतालों से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक अगस्त 2024 से अब तक 18 हजार 941 मरीज सामने आए हैं. इनमें डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसे सामान्य संक्रमण ही नहीं बल्कि जापानी इंसेफेलाइटिस, कालाजार और जीका वायरस जैसी गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं.
स्वास्थ्य विभाग को जिले के 1142 निजी और 237 सरकारी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले 12 महीनों में करीब 19 हजार मरीज इन बीमारियों से पीड़ित हुए. इनमें डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसे आम मच्छरजनित रोगों के साथ ही जापानी इंसेफेलाइटिस, कालाजार और जीका वायरस जैसी बीमारियां भी दर्ज की गईं. एमजीएम मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब द्वारा स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक डेंगू के 41 और मलेरिया के केवल 8 मरीज ही रिपोर्ट हुए हैं.
हालांकि यह आंकड़े उन मरीजों तक सीमित हैं जिनकी लैब जांच के बाद पुष्टि की गई. विशेषज्ञों के मुताबिक, इन बीमारियों को मेडिकल भाषा में वेक्टर बॉर्न डिजीज कहा जाता है. ये ज्यादातर मच्छरों, कुछ विशेष प्रजाति की मक्खियों, पिस्सू खून चूसने वाले कीड़े और टिक्स यानी मकड़ी जैसे जीव-जंतुओं के काटने से फैलती हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में इन रोगों का खतरा और बढ़ जाता है. इसलिए नागरिकों को साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छर-रोधी उपाय अपनाने की सलाह दी गई है.
