
उज्जैन: कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को उज्जैन में किसान न्याय यात्रा वोट चोर, गद्दी छोड़ यात्रा का भव्य आयोजन किया, जिसमें किसानों, मजदूरों और वंचित वर्ग की भारी भीड़ उमड़ी। पार्टी नेताओं का कहना था कि यह जनसैलाब प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी, सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, जयवर्धन सिंह, ओंकार माक्रम, कांतीलाल भूरिया, अजय सिंह, मनोहर बैरागी, विपिन वानखेडे, विधायक विपिन जैन और पूर्व मंत्री बाला बच्चन सहित अनेक नेता मंच पर उपस्थित रहे। उज्जैन जिला अध्यक्ष महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी ने अतिथियों का पारंपरिक सूती माला पहनाकर स्वागत किया।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल किसानों की समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र और जनता के हक की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने भाजपा सरकार पर जनविरोधी नीतियों, चुनावी धांधली और किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
जीतू पटवारी ने भाजपा नेताओं के “राष्ट्रविरोधी बयानों” की आलोचना की और मुख्यमंत्री मोहन यादव को अवैध शराब कारोबार, किसानों की जमीन पर कब्ज़ा और खाद-उर्वरक की कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया। हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस किसानों की जमीन की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन महापौर चुनाव को “वोट चोरी” का प्रमाण बताते हुए चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाया। सचिन पायलट ने भी आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज देश में खुलेआम वोट चोरी हो रही है, जबकि किसान और युवा लगातार पीड़ित हो रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व में 2028 में मध्यप्रदेश और 2029 में केंद्र में सरकार बनाने का संकल्प दोहराया, ताकि जनता को न्याय मिल सके।
