नयी दिल्ली 12 सितम्बर (वार्ता) चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस की सूचना पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर लगभग 1.79 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया था।
अपराध शाखा के उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि नौ सितम्बर को चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस की टीम दिल्ली स्थित एईकेसी अपराध शाखा कार्यालय पहुंची और मदद की अपील की। पुलिस ने बताया कि आरोपी दंपत्ति रंजना मौर्य और शिवानंद मौर्य के नाम से वह बैंक खाता संचालित था जिसमें ठगी की रकम डाली गई थी। दोनों के खिलाफ अशोक नगर, चेन्नई थाने में मामला दर्ज था और वे लंबे समय से वांछित चल रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व निरीक्षक दिलीप कुमार ने किया, जबकि एसीपी पंकज अरोड़ा की देखरेख में दिल्ली और तमिलनाडु पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दोनों आरोपियों को उनके घर और कार्यस्थल से पकड़ लिया गया।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि मेरठ निवासी इमरान नाम का शख्स उनका परिचित है। उसके कहने पर रंजना मौर्य का बैंक खाता उपलब्ध कराया गया। इमरान ने इस खाते में पांच लाख रुपये जमा कराए, जिन्हें निकालकर उसे दे दिया गया। खाते के इस्तेमाल के बदले में आरोपी दंपत्ति को एक लाख रुपए मिले। पुलिस ने इमरान की तलाश में मेरठ में भी छापेमारी की, लेकिन वह फरार हो गया।
आरोपियों की पहचान झड़ौदा निवासी रंजना मौर्य और शिवानंद मौर्य के रूप में हुई है। रंजना मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली हैं और 12वीं तक पढ़ाई की है, जबकि शिवानंद उत्तर प्रदेश से संबंध रखते हैं।
गिरफ्तार दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चेन्नई की अदालत में पेश करने के लिए 12 सितम्बर तक ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है।

