ब्रासीलिया, 05 अगस्त (वार्ता) ब्राज़ील विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में नए लगाए गए अमेरिकी आयात शुल्क को औपचारिक रूप से चुनौती देने की तैयारी कर रहा है, साथ ही बातचीत के रास्ते भी खुले रखे हुए है।
ब्राजील के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बुधवार से लागू होने वाले कॉफी, बीफ और पेट्रोकेमिकल्स सहित ब्राजील के कई वस्तुओं के निर्यातों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा के बाद आया है। यह ब्राज़ील के अमेरिका को होने वाले लगभग 35 प्रतिशत निर्यात को प्रभावित करता है, हालाँकि ऊर्जा उत्पादों और कुछ खनिजों जैसे प्रमुख उत्पादों को इससे बाहर रखा गया है।
ब्राज़ील के विदेश व्यापार चैंबर ने कल डब्ल्यूटीओ के साथ औपचारिक परामर्श शुरू करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी, जो विवाद निपटान प्रक्रिया का पहला कदम है। चैंबर की मंत्रिपरिषद ने इस निर्णय को राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा को भेज दिया है, जो यह तय करेंगे कि व्यापार निकाय के समक्ष शिकायत ‘कैसे और कब’ प्रस्तुत की जायें।
उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन ने कहा कि उनका देश नए आयात शुल्क के प्रभाव को कम करने के लिए काम कर रहा है और रणनीतियों के समन्वय के लिए कृषि व्यवसाय प्रतिनिधियों से पहले ही मिल चुका है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों के साथ बातचीत भी जारी रखेगी।
वित्त मंत्री फर्नांडो हद्दाद ने कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन असमान साझेदारी को स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा, “हम अमेरिका के साथ एक उपनिवेश के तौर पर बातचीत नहीं करेंगे – हम एक संप्रभु राष्ट्र हैं।” उन्होंने आयात शुल्क वृद्धि को ‘अत्यधिक’ और ‘अनुचित’ बताया लेकिन कहा कि विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों, प्रौद्योगिकी और डेटा अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में एक सकारात्मक द्विपक्षीय एजेंडा बनाने की गुंजाइश है।
उन्होंने कहा, “ब्राज़ील में दुर्लभ मृदा और महत्वपूर्ण खनिजों के बहुमूल्य भंडार हैं – ऐसे संसाधन जिनकी अमेरिका के पास कमी है। हम कुशल बैटरी उत्पादन और अन्य रणनीतिक तकनीकों पर सहयोग करने को तैयार हैं।”
आयात शुल्क के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही घरेलू व्यवसायों के लिए एक राहत पैकेज पेश करेगी, जिसमें ऋण सहायता भी शामिल है। उन्होंने संभावित राजकोषीय प्रभाव को स्वीकार किया लेकिन कहा कि इसे मौजूदा बजट नियमों के तहत प्रबंधित किया जाएगा।
