
ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने घर में हथियार रखने और इसके लाइसेंस को लेकर दायर मामले में कहा है कि दो हथियार वाले परिवार को तीसरा शस्त्र लाइसेंस नहीं मिलेगा. कोर्ट ने कहा है कि बंदूक रखना मालिक का अधिकार नहीं है. कोर्ट ने इसके पीछे तर्क दिया है कि लाइसेंस का दुरुपयोग होने से रोकना पड़ेगा. इसके लिए ये फैसला बहुत जरूरी है.
हाईकोर्ट ने कहा कि हथियार लाइसेंस का दुरुपयोग रोकना आवश्यक है. इसके लिए नए कानून लगाने जरूरी है. इसलिए लाइसेंस रखने को लेकर कोर्ट ने कहा है कि एक परिवार में दो से अधिक लाइसेंस नहीं रखे जा सकते हैं.
*एमपी में सबसे ज्यादा चंबल में लाइसेंस*
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा ग्वालियर चंबल अंचल में ही बंदूक, रिवाल्वर और पिस्टल के लाइसेंस हैं. इसके अलावा, अंचल में कई ऐसे मामले हैं, जिनमें एक परिवार के सभी सदस्य लाइसेंसी बंदूके रखते हैं.
