
बालाघाट। नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में भड़के हिंसक प्रदर्शनों से हालात बेकाबू हैं। संसद, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति आवास तक आगजनी और हमलों की घटनाओं ने स्थिति भयावह बना दी है। इसी माहौल में बालाघाट जिले की वारासिवनी तहसील के 13 श्रद्धालु काठमांडू में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के बाद भारत लौटते समय रक्सौल बॉर्डर पर फंस गए। नेपाली सेना ने उन्हें रोक दिया, जिससे यात्री भयभीत हो गए।
यात्रियों ने भाजपा कार्यकर्ता सतीश लिल्हारे के माध्यम से सांसद भारती पारधी से सम्पर्क किया। सांसद ने तुरंत विदेश मंत्रालय और नेपाल स्थित भारतीय दूतावास से बात कर त्वरित कार्रवाई की। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को रक्सौल से सुरक्षित सुनौली बॉर्डर तक पहुंचाया गया और 10 सितम्बर को वे सकुशल भारत पहुंचे।
यात्रियों में डोंगरमाली, पदमपुर, लिंगमारा और दीनी गांवों के नागरिक शामिल थे। भारतीय सीमा में पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने सांसद पारधी का आभार जताया। सरपंच मनोज लिल्हारे ने कहा कि सांसद लगातार सम्पर्क में रहीं और दस्तावेजी अनुमति दिलाकर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। श्रद्धालुओं ने इसे सांसद की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली का उदाहरण बताया।
