नारायणपुर, 11 सितंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दुर्गम इलाकों सेफ हाऊस लंका और डूंगा से 16 माओवादी नक्सलियों ने गुरुवार को यहां आत्मसमर्पण कर दिया।
इन सभी नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया के समक्ष हथियार डालकर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की शपथ ली। सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई और सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के चलते इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के नाम और नक्सली संगठन में उनके पद इस प्रकार हैं:
1. लच्छू पोड़ियाम उर्फ मानू (44 वर्ष) – डुंगा जनताना सरकार सदस्य
2. केसा कुंजाम (38 वर्ष) – डुंगा पंचायत मिलिशिया सदस्य
3. मुन्ना हेमला (40 वर्ष) – डुंगा पंचायत सरकार सदस्य
4. वंजा मोहंदा (40 वर्ष) – लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य (पूर्व अध्यक्ष)
5. जुरू पल्लो (36 वर्ष) – लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य
6. मासू मोहंदा (43 वर्ष) – लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य
7. लालू पोयाम (35 वर्ष) – लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य एवं न्याय शाखा अध्यक्ष
8. रैनू मोहंदा (32 वर्ष) – लंका पंचायत जनताना सरकार सदस्य एवं आर्थिक शाखा अध्यक्ष
9. जुरूराम मोहंदा (33 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया कमांडर
10. बुधराम मोहंदा (29 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया डिप्टी कमांडर
11. चिन्ना मंजी (34 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
12. कुम्मा मंजी (30 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
13. बोदी मोहंदा (30 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
14. बिरजू मोहंदा (38 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
15. बुधु मज्जी (33 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
16. कोसा मोहंदा (29 वर्ष) – लंका पंचायत मिलिशिया सदस्य
इन सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर 50-50 हजार रुपये का चेक दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक गुरिया ने बताया कि इन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाई जाएंगी। इस वर्ष में जिले में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की कुल संख्या 164 हो गई है।
पूछताछ के दौरान आत्मसमर्पित नक्सलियों ने शीर्ष माओवादी नेताओं ने आदिवासियों के शोषण और महिला नक्सलियों पर हो रहे अत्याचारों का खुलासा किया है।
नारायणपुर: 16 माओवादियों ने किया सामूहिक आत्मसमर्पण
