
सिंगरौली। जिले में टैक्स चोरी के बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है। बीते 2 सितम्बर को बैढ़न स्थित आधा दर्जन फर्मों पर जीएसटी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की थी। जांच के दौरान अनिल साहू के खिलाफ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
अब तक की जांच में सामने आया है कि दर्जनभर से अधिक फर्जी फर्म बनाकर करीब 300 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार किया गया। इसमें न कोई वास्तविक खरीद-बिक्री हुई और न ही टैक्स का भुगतान किया गया। केवल फर्जी आधार-पैन और बोगस दस्तावेजों के सहारे फर्जी बिल जारी किए गए और जीएसटी रिफंड फाइल कर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया गया।
सूत्रों के अनुसार इस पूरे रैकेट में अब तक 4.45 करोड़ रुपये की पेनाल्टी जमा की जा चुकी है, जबकि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में फर्जी बिल काटकर जीएसटी रिफंड लिया जाता है, जिसमें टैक्स कंसलटेंट और उससे जुड़ी फर्मों को फायदा होता है और सरकारी खजाने को सीधा नुकसान।
अधिकारियों का मानना है कि यह घोटाला 300 करोड़ से कहीं अधिक का हो सकता है। फिलहाल जीएसटी विभाग की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
