इंदौर आईडीए द्वारा चौथी बार आईएसबीटी कुमेड़ी के संचालन के लिए निकाले गए टेंडर में केवल एक कंपनी योग्य हो सकती है. यह कंपनी ग्वालियर की है, लेकिन आईडीए की टेक्निकल कमेटी को इसके अनुभव पर संदेह है. जानकारी मिली है कि कंपनी को केवल टिकटिंग का अनुभव है, इसलिए कमेटी ने जबलपुर नगर निगम से उसकी वास्तविक कार्यप्रणाली की रिपोर्ट मांगी है. तीन कंपनियों ने टेंडर डाले थे, जिनमें से इंदौर की दो कंपनियां अयोग्य पाई गईं. अब ग्वालियर की कंपनी की जांच जारी है.
आईडीए ने चौथी बार टेंडर बुलाए हैं, जबकि पहले तीन प्रयास असफल रहे थे। 100 करोड़ की लागत से एमआर-10 स्थित 15 एकड़ भूमि पर बने इस वातानुकूलित आईएसबीटी से रोजाना 1440 बसें संचालित हो सकती हैं.इसमें ड्राइवर-कंडक्टर के ठहरने से लेकर रेस्टोरेंट व 40 से अधिक टर्मिनल तक की व्यवस्था की गई है। मेट्रो कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है. हालांकि अब तक किसी भी कंपनी को संचालन के योग्य नहीं माना गया है, जिससे आशंका है कि चौथी बार भी आईडीए को निराशा हाथ लग सकती है.
