रादुविवि में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर फिर शुरू हुई जां

जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक बार फिर से वित्तीय अनियमिताओं को लेकर जांच शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय द्वारा गठित किए गए जांच दल के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने लेखा विभाग में दस्तक दी। जांच कमेटी ने विभाग में पहुंचकर कई घंटों तक दस्तावेज खंगाले हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विवि के लेखा विभाग में चल रही वित्तीय अनियमितता की जानकारी मिलने पर विवि द्वारा जांच कमेटी को गठित किया गया, जिसके बाद सोमवार को जांच कमेटी ने विभिन्न विषयों के संबंध में लेखा शाखा के दस्वावेजों की जांच शुरू कर दी है। विदित है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमिताओं को लेकर पूर्व में भी जांच हो चुकी है।
लपेटे में आ सकते हैं कर्मचारी
उल्लेखनीय है की रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के लेखा विभाग में कई वित्तीय अनियमितताएं पूर्व में भी सामने आई हैं। वहीं अब फिर से विश्वविद्यालय द्वारा टीम गठित कर जांच की जा रही है। सोमवार हुई जांच में फिलहाल अभी तक वित्तीय गड़बड़ी से संबंधित विषयों की जांच हुई है। जरूरत पड़ने पर आगे भी अधिकारी संबंधित दस्तावेज लेखा विभाग से मांग सकते हैं। उसके जांच प्रतिवेदन की रिपोर्ट आने के बाद अगर बड़ी खामियां सामने आती है तो कई अधिकारी- कर्मचारी इस जांच के लपेटे में आ सकते हैं।
पूर्व में रीवा की टीम ने की थी जांच
विदित है कि उच्च शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार विश्वविद्यालय की लेखा शाखा में रीवा की टीम द्वारा वित्तीय अनियमितता की जांच की गई थी। जानकारी के अनुसार समिति ने 18 और 19 दिसंबर को विश्वविद्यालय में रहकर शिकायत से संबंधित अभिलेखों की जांच और शिकायती बिन्दुओं से संबंधित अभिलेखों की जांच की थी।
जांच टीम को विवि के लेखा शाखा के भुगतान में कोई नियमित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी, संपूर्ण कार्य मनमाने एवं स्वयं की इच्छा के साथ किया गया था, जिसको लेकर तत्कालीन वित्त अधिकारी एवं रजिस्ट्रार को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करना था। लेकिन उनके द्वारा कार्यवाही न करना, उनकी मिलीभगत को दर्शाता है। इसके अलावा एक ही निविदा पर निरंतर कई वर्षों तक वाहनों का भुगतान किया जाता रहा।

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