रायपुर/बस्तर।6 सितम्बर (वार्ता) छत्तीसगढ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को सत्तारूढ भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी इवेंट मैनेजमेंट छोड़िये और बाढ प्रभावितों को राहत दीजिये।
श्री बैज ने आधिकारिक अकाउंट से बस्तर के बाढ़ प्रभावितों को मुद्दा सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी सरकार कॉर्पोरेट परस्ती में इस कदर मशगूल है कि जनता और जनहित के विषयों पर उनका ध्यान ही नहीं हैं और अब ये बेशर्मी इस कदर बढ़ चुकी है कि आपदा के वक्त भी ये आँखें मूंदे बैठे हैं।”
गौरतलब है कि जब बस्तर बाढ़ आयी थी। तब मुख्यमंत्री साय जापान की यात्रा पर थे। उनकी यह यात्रा राज्य में निवेश लाने को लेकर थी। मुख्यमंत्री जब छत्तीसगढ़ लौटे तो, यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन से जुड़े नेताओं का प्रवास था। जिसके कारण श्री साय को संगठन के कामों के लिए कुशाभाऊ ठाकरे परिसर (भाजपा कार्यालय) आना पड़ा। संगठन के कामों को खत्म करने के बाद मुख्यमंत्री जगदलपुर पहुंचे। यहां से सड़क मार्ग के जरिए दक्षिण बस्तर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की।
राज्य के जन संपर्क विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री से किसी भी प्रभावित ने किसी भी तरह की शिकायत नहीं की। जबकि, प्रदेश कांग्रेस के दो बड़े नेता लगातार राज्य सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज का आरोप है कि बाढ़ प्रभावितों को सही मायनों में कोई राहत नहीं दी गयी है। दोनों ही नेता एक्स के जरिए मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की आलोचना कर रहे हैं। आलोचना की इस कड़ी में कलेक्टर दंतेवाड़ा को रील बाज कलेक्टर जैसा बताया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के एक्स अकाउंट में सबसे पहले कलेक्टर दंतेवाड़ा कुणाल दुदावत बाढ़ प्रभावित एक महिला से बात कर रहे हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री की मुलाकात का वीडियो है। तीसरे वीडियो में एक बाढ़ प्रभावित महिला टूटे हुए घर कथित तौर पर राहत एवं बचाव कार्य का पोल खोल रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने एक्स पर दो वीडियो डाली हैं। पहले वीडियो में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री दिखाई दे रहे हैं। तथा दूसरे वीडियो में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष खुद दिख रहे हैं जब दो चार दिन पहले तक उन्होंने लगातार बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की थी।
श्री बैज ने बताया कि तात्कालिक सहायता राशि पचास हजार रुपया दिया जाना था तथा मुआवजा राशि कम से कम दस लाख दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, दक्षिण बस्तर के एनएमडीसी से हजारों करोड़ रुपयों का राजस्व मिलता है। जब बाढ़ प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से हजारों करोड़ रुपयों का राजस्व मिलता है। ऐसे में उन्हें आरबीसी 4-6 के नियमों के मुताबिक मुआवजा दिया जाए ।
