
छतरपुर। लगातार चार दिनों से हो रही बरसात ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार सुबह भी आसमान पर काले बादल छाए रहे और हल्की फुहारों का दौर चलता रहा। मौसम विभाग के अनुसार जिले में करीब 50 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान हवाएँ 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं और वातावरण में नमी 87 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। तापमान में भी गिरावट आई है,न्यूनतम 25 डिग्री और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस तक रहा।
लगातार वर्षा से जिले के अधिकांश तालाब और बांध भर गए हैं, जबकि नदी-नालों का जलस्तर खतरे की स्थिति में है। बीते 24 घंटों में औसतन 30.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नौगांव में सर्वाधिक 3.2 इंच पानी गिरा, वहीं छतरपुर में 2.1 इंच और लवकुशनगर में 1.5 इंच बारिश हुई। अब तक जिले में 49.01 इंच वर्षा हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में मात्र 29.3 इंच दर्ज की गई थी।
बरसात और लगातार बनी नमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोयाबीन की फसल पर कीटों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इल्ली, पीला मोजेक और तना मक्खी की वजह से लगभग आधी फसल खराब हो चुकी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम का यही हाल रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है।
मौसम केंद्र के वैज्ञानिक के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कुछ इलाकों में धूप तो कहीं गरज के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
बरसात ने जहां जलस्रोतों को लबालब कर दिया है, वहीं फसल बर्बादी से किसान परेशान हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि वे राहत और उचित मुआवजा उपलब्ध कराएं।
