
नई दिल्ली , 05 सितंबर 2025: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली सरकार और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं, और नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
ओखला बैराज के गेट खोले गए
दिल्ली में यमुना के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए ओखला बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी को आगे जाने दिया जा सके। हालांकि, यह कदम भी निचले इलाकों में पानी भरने से नहीं रोक पाया है। बाढ़ के कारण कई लोग बेघर हो गए हैं, और उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
रोजी-रोटी पर संकट
यमुना किनारे रहने वाले हजारों लोग, जिनमें ज्यादातर मजदूर, सब्जी विक्रेता और छोटे व्यापारी शामिल हैं, बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उनके घर और सामान बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे उनकी आजीविका छिन गई है। दिल्ली सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए हैं और उन्हें भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
