सतना: नगर निगम सतना क्षेत्र से बिड़ला सीमेंट फैक्ट्री की ओर जाने वाली रेलवे लाइन पर पडऩे वाले फाटकों पर ओवर ब्रिज अथवा अंडर ब्रिज बनाए जाने के मामले को रेलवे द्वारा अब फैक्ट्री प्रबंधन पर छोड़ दिया गया है. लिहाजा भविष्य में यदि निर्माण कार्य की नौबत आती भी है तो रेलवे की भूमिका केवल मानक बताने तक सीमित रहेगी. जबकि शेष समूची जिम्मेदारी फैक्ट्री प्रबंधन को ही उठानी पड़ेगी.
नगर निगम क्षेत्र से लेकर बिरला फैक्ट्री की ओर जाने वाले रेल मार्ग पर मौजूद फाटकों की वजह से एक ओर जहां स्थानीय लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है. वहीं दूसरी ओर इसके चलते कई बार मालगाड़ी के इंजन से वाहनों के अक्रा जाने जैसी गंभीर घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. इस समस्या के मद्देनजर ग्राम लखनवाह कोटर निवासी महेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा रेल महाप्रबंधक जबलपुर जोन को पत्र लिख गया था.
जिसे संज्ञान में लेते हुए रेल महाप्रबंधक कार्यालय द्वारा मामले से जुड़ी सारी जानकारी तलब कर ली गई. लेकिन जानकारी सामने आने के बाद रेलवे द्वारा इस मामले से अपने हाथ पीछे खींच लिए गए. रेल महाप्रबंधक कार्यालय द्वारा श्री सोलंकी के पत्र के जवाब में यह जानकारी दी गई कि उक्त रेलवे लाइन पूर्ण रूप से फैक्ट्री की जमीन पर है. उक्त रेल लाइन का निर्माण न सिर्फ फैक्ट्री द्वारा कराया गया है बल्कि उसका अनुरक्षण कार्य भी फैक्ट्री द्वारा ही कराया जाता है.
समस्या को देखते हुए रेलवे लाइन पर अनाधिकृत रुप से स्थापित क्रासिंग पर आरओबी अथवा आरयूबी बनाया जा सकता है. लेकिन इस तरह का निर्माण कार्य रेलवे के मानकों के अनुसार ही हो सकता है. चूंकि उक्त परिक्षेत्र रेलवे भूमि से बाहर है. इसलिए इस समस्या का समाधान फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा ही किया जा सकता है. रेलवे द्वारा इस मामले को फैक्ट्री प्रबंधन के संज्ञान में लाया गया है
