यरूशलम, 05 सितंबर (वार्ता) इज़रायल सेना के पिछले हफ़्ते सना में एक सैन्य ठिकाने पर किए गए हवाई हमलें में हूती समूह के 12 सदस्य मारे गए।
सेना ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि पिछले गुरुवार को हुए हमलों में यमन की राजधानी में एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल हूती समूह के वरिष्ठ कमांडर करते थे, जहाँ सैन्य अधिकारी और सरकारी मंत्री मौजूद थे।
बयान में इन अधिकारियों के नाम नहीं बताए गए, लेकिन हूती ने पिछले हफ़्ते पुष्टि की थी कि हूती सरकार के प्रधानमंत्री अहमद ग़ालिब अल-रहावी भी मारे गए लोगों में शामिल थे।
रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने गुरुवार को इज़रायल पर हुए हालिया हूती हमलों का कड़ा जवाब देने का संकल्प लिया।
सेना ने कहा कि हूती समूह ने गुरुवार को एक मिसाइल दागी जो इज़रायल के बाहर गिरी और दो ड्रोन दागे जिन्हें रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि हूती ने बुधवार को भी दो मिसाइलें दागीं जिन्हें वायु रक्षा प्रणालियों ने रोक दिया।
हूती समूह ने सोमवार को लाल सागर में हुए मिसाइल हमले की ज़िम्मेदारी ली, जिसमें इज़रायली टैंकर, स्कार्लेट रे, को निशाना बनाया गया था।
उल्लेखनीय है कि उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण रखने वाला यह समूह नवंबर 2023 से गाजा युद्ध में फिलीस्तीन के समर्थन में इज़रायल पर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहा है। इज़रायल ने हूती के कब्ज़े वाले इलाकों जिनमें सना और लाल सागर के बंदरगाह होदेइदाह शामिल हैं, पर हमले करके इसका जवाब दिया है।
