रायसेन: जिला अस्पताल में इन दिनों आम जनों और बच्चों में आंखों में सूजन जलन व लगातार आंसू आने के मामले सामने आ रहे हैं नेत्र विभाग में आंखों से मरीज इलाज कराने पहुंचता है बताया जाता है कि मोबाइल स्क्रीन से धुंधली हो रही है बचपन की चमक और बच्चों में बढ़ रही है लगातार आंखों की समस्याएं।जिला चिकित्सालय में पदस्थ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को 20 मिनट से ज्यादा मोबाइल का उपयोग उनकी आंखों में गलत प्रभाव डाल सकता है।
इसकी वजह से उनकी आंखों से लगातार आंसू बहने और दृष्टि कम होने की समस्या आ सकती है। वयस्क व्यक्ति इस बात को समझता है कि मोबाइल कितने समय तक चलाना है ।और इसी की वजह से वह बीच-बीच में इसका उपयोग बंद कर देता है और अपनी आंखों को रेस्ट देता है ।लेकिन बच्चे यह नहीं समझ पाते हैं और लगातार उपयोग करने की वजह से सिर दर्द, चिड़चिड़ापन, आंखों से आंसू बहना और नींद न आने की समस्या का सामना उन्हें करना पड़ सकता है।
आउटडोर गेमिंग के लिए बच्चों में डालें आदत
वरिष्ठ नेत्र रोग चिकित्सक डॉ एसी अग्रवाल,डॉ शरद साहू ने बताया कि बच्चों के लिए आउटडोर गेमिंग की सलाह दी है। खेलों की बजाय मोबाइल गेमिंग पर उनका ध्यान ज्यादा होने के कारण इसका लगातार प्रयोग करने से जहां बीमार हैं। वहीं फिजिकल एक्टिविटी ना होने से अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। दूसरी ओर मोबाइल से उनके मन मस्तिष्क पर विपरीत असर पड़ रहा है।
थकान, अनिद्रा और चिड़चिड़ापन के शिकार हो रहे बच्चे
मोबाइल की लत के कारण आंखों में आंसू ,जलन तथा सूजन की समस्या होने के साथ ही बच्चे थकान, अनिद्रा और चिड़चिड़ापन की समस्या से भी ग्रसित हो रहे हैं। लगातार मोबाइल का उपयोग करने की वजह से मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। जिसको लेकर परिजन जिला चिकित्सालय पहुंच रहे हैं और नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह ले रहे हैं।
बच्चों का अधिकांश समय गुजर रहा मोबाइल चलाने में
आजकल बच्चों का अधिकांश समय मोबाइल देखने में बिता रहे हैं। बड़े बच्चे के साथ-साथ छोटे बच्चों में भी यह समस्या बढ़ रही है। पेरेंट्स भी अपना काम जल्दी निपटाने की कोशिश में बच्चोँ को मोवाइल चालू कर उनके हाथ में थमा देते हैं।बच्चे घण्टों मोबाइल चलाने में लगे रहते हैं।जबकि एक्सपर्ट का कहना है कि यह गलत है।मासूमों को मोबाइल देने की आदत नहीं डालें।
