
विदिशा। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर रविवार को नंदवाना स्थित प्राचीन राधा रानी मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोले गए। इस अवसर पर नगर सहित आसपास के जिलों से भारी संख्या में भक्त पहुंचे और राधा रानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
विशेष बात यह है कि लगभग 400 वर्ष पुराने इस मंदिर के पट साल में केवल एक ही दिन, राधा अष्टमी पर खोले जाते हैं। वर्ष के शेष दिनों में गर्भगृह में केवल पुजारी ही पूजा करते हैं।
मंदिर पुजारी महेश शर्मा और राजू शर्मा ने बताया कि यह प्रतिमा मुगलकाल के समय मथुरा से चोरी-छिपे विदिशा लाई गई थी। उस दौर में मुगल शासकों ने मंदिरों को तोड़ने और देव प्रतिमाओं को खंडित करने का अभियान चलाया था। ऐसे में उनके पूर्वज प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए यहां लाए और गुप्त रूप से इसकी पूजा शुरू की। तब से यह परंपरा चली आ रही है कि मंदिर के पट केवल राधा अष्टमी के दिन ही खोले जाते हैं।
इस अनोखी परंपरा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण मंदिर में हर साल राधा अष्टमी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।
