
रीवा।रीवा की आयुषी वर्मा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है. सीडीएस में आल इंडिया रैंक 24 वीं और टेक्निकल शाखा में देश भर में प्रथम स्थान हासिल कर समूचे विंध्य क्षेत्र को गौरान्वित किया है. खुटेही में रहने वाले कराटे शिक्षक रमेश वर्मा और ममता वर्मा की पुत्री आयुषी वर्मा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता हासिल की.
12 वीं की पढ़ाई के दौरान आयुषी ने यह तय कर लिया था कि उन्हे देश सेवा के लिये सेना में शामिल होना है. आयुषी की प्रारंभिक शिक्षा रीवा के एक निजी स्कूल में हुई जहा उनके पिता भी शिक्षक है. पढ़ाई में हमेशा आगे रहने वाली आयुषी ने बचपन से ही अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ कई उपलब्धि हासिल की. आयुषी ने बताया कि 12 वीं की पढ़ाई के दौरान उन्होने यह ठान लिया था कि उन्हे सेना में जाकर देश की सेवा करनी है और इसी को ध्यान में रखते हुए सीडीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की. लिहाजा मेहनत रंग लाई और आयुषी लेफ्टिनेंट बन गई. उन्होने बताया कि भारत की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी को अपना रोल माडल मानती है और अवनी की तरह ही उन्होने देश की सेवा का सपना देखा और उसके लिये दिन रात मेहनत की.
