
शाजापुर।शोभायात्रा भगवान देवनारायण की निकली, लेकिन इस शोभायात्रा में राजनीति के दो रूप देखने को मिले. बेरछा में भगवान देवनारायण की शोभायात्रा में भाजपा के मंच से पूर्व जिलाध्यक्ष अम्बाराम कराड़ा ने दूरियां बनाकर भाजपा के नेताओं को दूर से ही राम-राम कहा, लेकिन शाजापुर में शोभायात्रा के दौरान अम्बाराम कराड़ा ने कांग्रेस नेताओं के साथ कांधे सेे कांधा टिकाकर शोभायात्रा का स्वागत किया. अम्बाराम कराड़ा का यह रूप भाजपा से नाराजगी का है या कांग्रेस नेताओं से नजदीकियों का. हालांकि दोनों ही जगह उनके ही समाज की शोभायात्रा थी, लेकिन वे जब उस पार्टी के मंच पर नहीं गए, जिस पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया था. लेकिन उन नेताओं के बीच गए, जो राजनीतिक रूप से उनके प्रतिद्वंद्वी हैं. हालांकि समाज के नाते जब वे कांग्रेस नेताओं के साथ खड़े होकर फोटो सेशन करा रहे थे, तो उन्हें बेरछा के भाजपा मंच पर भी जाकर अपनी उपस्थिति दर्जं कराना थी. दोनों ही रूप उनके भाजपा की राजनीति में चर्चा का विषय है.
गौरतलब है कि शाजापुर जिले में जब अम्बाराम कराड़ा भाजपा जिलाध्यक्ष बने थे, उसके बाद से भाजपा में कराड़ा भाजपा का उदय हुआ था. गुटबाजी चरम पर थी. पिछले दो विधानसभा से टिकट की मांग कर रहे अम्बाराम कराड़ा को टिकट न मिलने की भी उनकी पीड़ा कहीं न कहीं देखने को मिलती है, लेकिन जब भाजपा का मंच हो और उस पर उनकी ही पार्टी के विधायक, मंडल अध्यक्ष सहित तमाम पदाधिकारी मौजूद हों, ऐसे में पर अम्बाराम कराड़ा शोभायात्रा में शामिल होने के बाद भी मंच से दूरियां बनाएं, तो इसे क्या कहा जाए. प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य के रूप में वर्तमान में वे भाजपा की राजनीति में मौजूद हैं, लेकिन अब उनकी सक्रियता जिले में यदा-कदा ही नजर आती है. क्योंकि जो गुटबाजी उनके कार्यकाल में पनपी थी, वो ही गुटबाजी उन्हें रिटर्न में मिल रही है.
कभी अर्श पर थे, आज राजनीति के फर्श पर है…
राजनीति में कौन अर्श पर चला जाए और कौन फर्श पर आ जाए, कह नहीं सकते हैं. पिछले विधानसभा चुनाव के पहले तीन साल तक भाजपा की राजनीति में केंद्र बिंदू हुआ करते थे अम्बाराम कराड़ा. उस समय उन्होंने भाजपा के अन्य नेताओं को कई कार्यक्रमों से नजरअंदाज रखा, लेकिन राजनीति के समय ने करवट ली. जो लोग उस समय राजनीति के फर्श पर थे, वे आज राजनीति के अर्श पर हैं और जो लोग उस समय राजनीति के अर्श पर थे, वे आज राजनीति के फर्श पर हैं.
भाजपा के मंच से क्यों बनाई दूरियां…?
भगवान देवनारायण शोभायात्रा के दौरान स्वागत के लिए बनाए गए मंच पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष का न पहुंचना चर्चा का विषय है. क्योंकि इस मंच से विधायक अरुण भीमावद, मंडल अध्यक्ष, सरपंच और भाजपा के सभी पदाधिकारी मौजूद थे, लेकिन अम्बाराम कराड़ा मंच के सामने भीड़ में तो मौजूद रहे, लेकिन मंच पर नहीं आए. अब उनकी नाराजगी संगठन से है या फिर शाजापुर विधायक अरुण भीमावद से.
