अमेरिका के ऊंचे आयात शुल्क के खिलाफ राजधानी में व्यापारियों का प्रदर्शन

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (वार्ता) अमेरिका में भारत के सामान पर भारी आयात शुल्क लगाने की डोनाल्ड ट्रम्प सरकार की कार्रवाई को मनमानी बताते हुए दिल्ली के व्यापारियों ने फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन (फेस्टा) के बैनर तले शनिवार को यहां विरोध प्रदर्शन किया और साथ ही सरकार से कर में कमी और ब्याज दर में राहत की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी प्रशासन से आयात शुल्क वापस लेने और वार्ता के जरिये मसलों के समाधान का आह्वान किया है।
सदर बाजार के कुतुब चौक पर आयोजित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पेस्टा के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव ट्रम्प की व्यापार शुल्क नीति को भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों के लिए अहितकर बताया।
प्रदर्शनकारी व्यापारी अपने हाथों में बैनर लिये हुए थे। वे ट्रम्प टैरिफ नीति वापस को वापस लो, अमेरिका तानाशाही बंद करें, जैसे नारे भी लगा रहे थे।
श्री पम्मा और श्री यादव ने एक बयान में कहा कि अमेरिका की आयात शुल्क नीति भारतीय उद्योगों के लिए हानिकारक है और इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।उन्होंने कहा कि भारत की औद्योगिक इकाइयों के पर अमेरिका के आर्डर पर करोड़ों रुपये का माल तैयार हुआ पड़ा है। अमेरिका के व्यापारियों ने पेशगी तक चुका रखी है, लेकिन ऊंचे शुल्क लगने से वे माल नहीं ले पा रहे। इससे उद्योग जगत को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
बयान में कहा गया है कि अमेरिका की आयात शुल्क नीति दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को प्रभावित करेगी और इससे व्यापार में कमी आ सकती है। अमेरिका को चाहिए कि वह अपने आयात कर फैसले पर पुनर्विचार करे तथा दोनों देशों के बीच सहयोग और समझौते के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान निकाला जाये। फेस्टा ने नयी स्थिति से निपटने के लिए उद्योग व्यापार को वस्तु एवं सेवाकर ( जीएसटी ) में राहत और सस्ते कर्ज की सुविधा की मांग की है, ताकि भारतीय कारोबार स्वदेशी माल सस्ता किया जा सके।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए व्यापारी नेता कमल कुमार, दीपक मित्तल, वरिंदर सिंह,चौधरी योगेंद्र सिंह, हरजीत सिंह छाबड़ा, रजनीश भयाना और सुरेश जैन आदि ने भारत के कारोबार को निशाना बनाने के लिए ट्रम्प सरकार की निंदा की।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प ने भारत पर सात अगस्त से 25 प्रतिशत शुल्क लागू करने के बाद 27 अगस्त से इसे दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है। ब्राजील के बाद यह भारत दूसरा देश है, जिस पर अमेरिका में 50 प्रतिशत का ऊंचा आयात शुल्क लागू है।
अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रम्प के अधिकांश आयात शुल्कों को मनमाना बताते हुए उन्हें गैरकानूनी करार दिया है। श्री ट्रम्प ने इस निर्णय को चुनौती देने की घोषणा की है।
वर्ष 2024-25 में अमेरिका में भारत का निर्यात 87 अरब डॉलर के स्तर का था। इस तरह अमेरिका भारत के निर्यातकों के लिए सबसे बड़ा बाजार है।
भारत के खिलाफ 50 प्रतिशत शुल्क लगने से भारत से जाने वाले वस्त्रादि, रत्न आभूषण, समुद्री झींगा, चमड़े के सामान और रसायनों का निर्यात प्रभावित होगा।

Next Post

जुलाई में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी में इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात बढ़ा

Sat Aug 30 , 2025
कोलकाता, 30 अगस्त (वार्ता) अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, ब्राजील और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में माल ढुलाई को बढ़ावा मिलने से भारत द्वारा इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात जुलाई में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में पहली बार 10 अरब अमरीकी डॉलर को पार कर गया। यह जानकारी भारतीय इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन […]

You May Like