सतना: सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला चिकित्सालय परिसर में गुरुवार बुधवार की दरमियानी रात हंगामा देखने को मिला। मरीज को रेफर किए जाने के बाद रीवा ले जाने के मामले में आनाकानी से गुस्साए परिजनों ने वहां खड़ी दो एंबुलेंस वाहनों के शीशे फोड़ दिए। पीड़ित चालकों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना गुरुवार-शुक्रवार की देर रात 2 बजे की बताई गई। मारुति नगर की रहने वाली अर्चना नामदेव को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें रीवा रेफर कर दिया। बताया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 108 एंबुलेंस कॉल करके बुलाने को कहा, लेकिन वे अपनी मनमर्जी करने लगे। परिजनों ने अस्पताल की एंबुलेंस को अपने हिसाब से ले जाने की जिद पकड़ ली।
एंबुलेंस चालक राजेश वर्मा और दीपक सूर्यवंशी ने बताया कि परिजन जबरन उनकी गाड़ी ले जाने का दबाव बना रहे थे। नियम के मुताबिक, 108 एंबुलेंस से ही मरीज को रेफर किया जाता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए परिजनों ने खड़ी एंबुलेंस (एमपी 19 जेडए 4590 और एमपी 19 एचएफ 1269) पर हमला कर दिया। उन्होंने पत्थर और लाठी से एंबुलेंस के शीशे तोड़ दिए और कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया।
कार्रवाई की मांग
एंबुलेंस चालकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न सिर्फ संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि इमरजेंसी सेवाओं में भी बाधा आती है। इससे किसी भी मरीज की जान को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही इस घटना के कारण एंबुलेंस चालकों के बीच भय व्याप्त हो गया है। मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
