
सतना/चित्रकूट, । महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय भाषाई एकात्मकता के लिए उड़िया भाषा सिखाएगा। इस आशय का निर्णय उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में संपन्न प्रदेश के शासकीय विश्वविद्यालयों की बैठक में दिए गए निर्देश के क्रियान्वयन के क्रम में लिया गया है। कुलगुरु प्रो भरत मिश्रा स्वयं भी इस बैठक में मौजूद रहे हैं। कुलगुरू प्रो भरत मिश्रा ने बताया कि भाषाई एकात्मता के लिए ग्रामोदय विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा को एनईपी : 2020 के प्रावधानों के अनुरूप उड़िया भाषा में पाठयक्रम सृजन , पाठ्यक्रम के स्तर निर्धारण, उड़िया भाषा में अध्ययन, अध्यापन, शोध के लिए सैद्धांतिक व व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए हैं।
कुलगुरु प्रो मिश्रा ने बताया कि उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार का मानना है कि देश के हृदय प्रदेश की संज्ञा से सुशोभित हिंदी भाषी मध्यप्रदेश, भारत की अनेकता में एकता की संस्कृति को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल कर रहा है। श्री परमार का कहना है कि हम इस नवाचार के माध्यम से सभी भाषाओं के प्रति अपना प्रेम संदेश भी प्रेषित करना चाहते हैं। भारत अलग- अलग भाषाओं और बोलियों का देश है लेकिन इसकी आत्मा एक है। हमारा यह नवाचार, देश भर में भाषाई एकात्मता का संदेश देगा।
