
पुलिस ने दी शोक सलामी, आईजी, डीआईजी, एसपी ने पुष्पचक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
जबलपुर। भेड़ाघाट थाना अंतर्गत अंधमूक बायपास में बुधवार रात्रि तेज रफ्तार बुलेरो ने आरोपी को पकडऩे गए प्रधान आरक्षक को रौंद दिया था। हादसे में पुलिस जवान की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से पुलिस महकमें और परिजनों मेें शोक की लहर है। गुरूवार को दिवंगत प्रधान आरक्षक अभिषेक शिन्दे को नम आंखों से विदाई दी गई। उनके पार्थिव शरीर को तिलवारा घाट में जबलपुर पुलिस द्वारा शोक सलामी दी गयी। पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जबलपुर प्रमोद वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक जबलपुर रेंज जबलपुर अतुल सिंह, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय द्वारा पुष्पचक्र अर्पित करते हुये श्रद्धांजलि दी गयी। 2 मिनट का मौन रखकर परमपिता परमेश्वर से शोकाकुल परिवार को इस आघात को सहने की शक्ति देने प्रार्थना की गयी।
विदित हो कि लार्डगंज थाना अंतर्गत यादव कॉलोनी चौकी में दर्ज एक अपहरण प्रकरण के फरार आरोपी के बस के जरिए आने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना की तफ्तीश और आरोपी को पकडऩे के लिए चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक अभिषेक शिंदे पुलिस जवानों के साथ शासकीय वाहन से गए थे। अंधमूक मेें आरोपी का पुलिस टीम इंतजार कर रही थी,बस से दो संदेही उतरे तो एक को पकड़ा गया जबकि दूसरा भागने लगा जिसका पीछा करते समय प्रधान आरक्षक अभिषेक को बुधवार रात्रि 8:30 बजे बुलेरो क्रमांक एमपी 20 जेड एल 8879 के चालक ने तेज रफ्तार एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हुए पुलिस जवान को कुचल दिया था। हादसे में प्रधान आरक्षक की मौत हो गई थी। गुरूवार को प्रधान आरक्षक को अंतिम विदाई नम आंखों से दी गई। इस अवसर पर अतिरक्त पुलिस अधीक्षक शहर जितेन्द्र सिंह, समस्त नगर पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी, रक्षित निरीक्षक, कन्ट्रोलरूम प्रभारी, अन्य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।
आरोपी चालक की गिरफ्तारी दर्ज, बुलेरो जब्त
पुलिस ने आरोपी चालक गुरूदेव यादव 28 वर्षीय निवासी शहडोल को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही बुलेरो को जब्त कर लिया गया है।
मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
दिवंगत प्रधान आरक्षक की मां शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त है जो शिक्षिका रही। पिता स्व. प्रकाश शिंदे रेल्वे में पदस्थ रहे। उनकी पत्नी प्रियंका शिंदे और बेटा शिवाय 6 वर्षीय, बेटी पीहू 10 वर्षीय है। हादसे के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जब पुलिस जवान का शव पहुंचा तो परिजन शव से लिपटकर रोते बिलखते रहे। दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
