काबुल, 09 जुलाई (वार्ता) विदेशों में को एक ही दिन में दो हजार 600 से ज़्यादा अफ़ग़ान शरणार्थी परिवार सुरक्षित घर लौट आए, जिनमें से ज़्यादातर ईरान से है और एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान से है।
अफ़ग़ानिस्तान की सरकारी मीडिया बख़्तर न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी।
मीडिया संस्था ने ‘एक्स’ पर कहा, “पाकिस्तान और ईरान से जबरन वापस भेजे जाने के बाद 2,604 अफ़ग़ान प्रवासी परिवार, जिनमें 16,264 लोग शामिल हैं, अफ़ग़ानिस्तान लौट आए हैं।”
“प्रवासी मुद्दों के समाधान के लिए उच्चायोग ने बताया कि ये परिवार विभिन्न सीमा बिंदुओं से होकर गुज़रे, जिनमें नंगरहार में तोरखम, कंधार में स्पिन बोल्डक, हेरात में इस्लाम क़ला और निमरोज़ में अबरीशाम शामिल हैं।”
यह ईरान और पाकिस्तान प्रशासन द्वारा किए जा रहे जबरन निर्वासन और प्रत्यावर्तन की लंबी श्रृंखला में नवीनतम घटना है, जो सभी शरणार्थियों को उनके वतन वापस भेजने के लिए दृढ़ हैं।
अंतरिम तालिबान सरकार द्वारा बार-बार अफगान नागरिकों को उनके घरों से जबरन उखाड़ फेंकने और उन्हें वापस भेजने में नरमी के आह्वान के बावजूद, दोनों देशों ने अफगान नागरिकों के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई है।
अफ़गानों को निर्वासित करते समय हालाँकि, उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, क्योंकि दोनों देशों की सरकारें लौटने वालों को उनके घर वापसी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही हैं।
शरणार्थी मामलों के उच्चायोग ने बताया कि इस्लाम क़ला सीमा पार से ईरान से लौटने वाले नागरिकों को नकद सहायता, भोजन, स्वास्थ्य सेवा और परिवहन सहित निःशुल्क सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।
हेरात में सूचना एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख और जन जागरूकता समिति के प्रतिनिधि मावलवी अहमदुल्लाह मुत्फ़ी ने बताया कि इसके अतिरिक्त, उन्हें 2000 अफ़गानिस्तान फ़्रैंक नकद, दोपहर और रात के भोजन के लिए गर्म भोजन, सिम कार्ड और चिकित्सा सेवाएँ भी दी जा रही हैं।

