नर्मदापुरम। आज सिंचाई विभाग द्वारा किसानों से सामंजस्य बनाएं बिना पानी छोड़नें के विरोध में नहर में बैठकर भारतीय किसान संघ ने प्रदर्शन किया तथा जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की सद्बुद्धि हेतु सद्बुद्धि यज्ञ किया गया, इसके साथ ही रघुपति राघव राजाराम, प्रशासन को सद्बुद्धि दे भगवान भजन गाकर विरोध प्रदर्शन किया । भारतीय किसान संघ के संभागीय प्रचार प्रसार प्रमुख उदय पाण्डेय नें बताया कि भारतीय किसान संघ विगत कई दिनों से मांग कर रहा था कि बायीं तट मुख्य नहर मे 1 अप्रैल से पानी छोड़ा जाए किंतु विभाग नें 27 अप्रैल से ही मुख्य शाखा में पानी छोड़ दिया । क्षेत्र में गेंहूं की फसल खड़ी है आंशिक कटाई हुई है, नहर में पानी आनें से किसान जल्दबाजी में मूंग कि बोबनी करेंगे जिससे आग लगनें की संभावनाएं है तथा दायीं तट नहर में भी 3 अप्रैल से पानी छोड़नें की मांग थी, जिसे विभाग नें दरकिनार कर दिया ।
हमें वर्तमान की चिंता
भारतीय किसान संघ के जिला सहमंत्री रजत दुबें नें बताया कि सिंचाई विभाग के अनुसार हरदा जिले के किसानों को मूंग की फसल की चिंता है किंतु हमें क्षेत्र के वर्तमान की चिंता है जहां हजारों एकड़ में गेंहूं की फसल खड़ी हुई है, नर्मदापुरम् जिले नें पांजरा में आगजनी का भीषण मंजर देखा है जहां कई किसान साथियों को जान गंवानी पड़ी थी, उसकी पुनरावृत्ति न हो, इसलिए ये कदम भारतीय किसान संघ नें उठाया है ।
जैसा कि पता है,
जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में
भाकिसं से सुझाव नहीं लिए गए। संघ के जिला अध्यक्ष ओमकार सिंह राजपूत नें बताया कि बिना किसानों से सामंजस्य बनाए ही नहरों में पानी छोड़ना सिंचाई विभाग की मनमानी है, अगर विभाग दोनों जिलों के किसानों के बीच सामंजस्य बनानें का प्रयास करता तो आंदोलन की स्थिति नहीं बनती।
