
पन्ना।
पुलिस अधीक्षक पन्ना,साई कृष्ण एस. थोटा ने आज प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को बताया कि ग्रामीण अंचल में निवासरत भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन खातों का उपयोग साइबर अपराधों में करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एस पी पन्ना श्री थोटा ने बताया कि थाना बृजपुर में फरियादी राजीलाल गौड़ पिता देवीदीन गौड़ (उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम रमखिरिया) द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि करीब दो माह पूर्व गाँव में दो अनजान व्यक्ति आए थे। उन्होंने बताया कि वे बाहर से आए हैं और गाँव-गाँव जाकर गरीब लोगों को पैसे बाँटते हैं। उन्होंने फरियादी से कहा कि यदि उसे पैसों की आवश्यकता है, तो वह एक नया बैंक खाता खुलवा सकता है, जिसमें वे पैसे जमा करेंगे। आरोपियों ने बताया कि गाँव के अन्य लोगों के नाम पर खाते खुलवाए गए हैं और उनमें जल्द ही पैसा आने वाला है, तो उसने विश्वास कर खाता खुलवा लिया इसके बाद, आरोपियों ने सबसे पहले फरियादी के नाम पर एक नई सिम कार्ड निकलवाई और धोखाधड़ी करते हुए उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और सिम कार्ड अपने पास रख लिया। आरोपियों ने फरियादी के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पन्ना में एक खाता खुलवाया। दो दिन बाद बैंक से उसे पासबुक और एटीएम कार्ड प्राप्त हुए, लेकिन आरोपियों ने उसका बैंक खाता में दर्ज सिम कार्ड सहित चेकबुक एवं एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया । फरियादी की रिपोर्ट पर थाना बृजपुर में अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया है। एस पी पन्ना द्वारा गठित पुलिस टीम को पता चला कि मामले में आरोपियों द्वारा बृजपुर थाना क्षेत्र में अन्य व्यक्तियों के नाम पर भी इसी तरह से बैंक खाते खुलवाए गए है जिनमे बीरन गौड़ के नाम पर 6 बैंक खाते 6 एटीएम कार्ड और नया सिम कार्ड, सुरोमन गौड़ के नाम पर 3 बैंक खाते तीन एटीएम कार्ड और 2 नए सिम कार्ड, दिनेश गौड़ के नाम पर 1 बैंक खाते 1 एटीएम कार्ड और 1 सिम कार्ड तथा सुंदरलाल गौड़ एवं संतोष गौड़ के नाम पर भी खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड और सिम कार्ड खुलवाए गए । इसके अलावा जनकपुर और पन्ना के कुछ अन्य लोगों के नाम पर भी आरोपियों द्वारा इसी तरह बैंक खाता खुलवाये जाने की जानकारी प्राप्त हुई ।
पुलिस टीम द्वारा मामले में 02 आरोपियों को पूर्व में बस स्टैण्ड से गिरफ्तार किया चुका है जबकि मामले में फरार 01 आरोपी को भी कल राजस्थान में अजमेर-ब्यावर हाइवे से पुलिस अभिरक्षा में लिया लिया गया।जिसके द्वारा अपराध कारित किया जाना स्वीकार किया गया ।
