
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश में जैविक कपास के क्षेत्र में हो रही अनियमितताओं और घोटालों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा जैविक कपास उत्पादक है, लेकिन देशभर में सैकड़ों किसान समूह (ICS) धोखाधड़ी कर रहे हैं। किसानों के नाम पर फर्जी पंजीकरण हो रहे हैं, जिससे किसानों और सरकार दोनों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि पूर्व में उठाए मुद्दों के बाद मध्यप्रदेश के धार जिले के भीलकुंडा गाँव में एक ICS समूह पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था, जबकि एपीडा (APEDA) की जाँच में सैकड़ों समूह दोषी पाए गए। अमेरिका, यूरोपीय संघ और GOTS जैसी संस्थाओं ने भी भारत की जैविक साख पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने पाँच माँगें रखीं CBI/ED जाँच, Tracenet 2.0 लागू करने, दोषी समूहों पर कार्रवाई, आधार आधारित सत्यापन और ठगे गए किसानों को मुआवजा। सिंह ने कहा कि यह मामला सिर्फ आर्थिक हानि नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय साख और लाखों किसानों के भविष्य से जुड़ा है।
