शिवपुरी: शिवपुरी में नगर सरकार को पलटने के लिए चल रहे गृह युद्ध की लपटें बीते रोज तक नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा की ओर उठ रही थी लेकिन शाम 5 बजे के बाद जैसे ही अविश्वास प्रस्ताव वापसी का आवेदन कलेक्टर के पास पहुंचा उसके बाद यह लपटे विरोधी खेमे में उठने लगी। अविश्वास प्रस्ताव वापसी का आवेदन नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज व्यास के पति रामजी व्यास ने दिया था। इस आवेदन पर 14 पार्षदों के साइन थे,अगर रामजी व्यास के बयान पर गौर किया जाए तो भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व और पार्टी की मर्यादा बनी रहे इसलिए उन्होने यह कदम उठाया।
बीते रोज तक बगीचा सरकार का दल मजबूत था,कलेक्टर के बुलाए जाने पर 18 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए अपने हस्ताक्षर वेरिफिकेशन कराए,19 अंक के रूप में नगर पालिका उपाध्यक्ष सरोज व्यास अपने पति रामजी व्यास के साथ पहुंची लेकिन हस्ताक्षर वेरिफिकेशन नहीं कराया। शाम के समय रामजी व्यास ने पार्षद तारा राठौर के साथ अविश्वास प्रस्ताव वपिसी के लिए आवेदन दिया जिसमें विरोधी दल के 14 पार्षदों के हस्ताक्षर थे।
यह जानकारी जैसे ही विरोधी पार्षदों सहित शहर के लोगों को मिली तो सोशल मीडिया पर रामजी व्यास के खिलाफ शब्दों के बाणो का चलना शुरू हो गए हैं। अध्यक्ष विरोधी मुहिम को हराने के लिए रामजी व्यास को विभीषण से अलंकृत किया जाने लगा है। उधर रामजी व्यास ने कहा है कि यह तय है कि हम नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के साथ काम नहीं करेगें।
