गणेशोत्सव: पीओपी मूर्तियों की खुलेआम हुई बिक्री

रायसेन। भारतीय संस्कृति में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश की स्थापना का धार्मिक त्यौहार गणेश चतुर्थी से प्रारंभ हुआ । दस दिवसीय गणेशोत्सव ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भगवान गणेश की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। वहीं बाजारों में मूर्तियों की खरीदारी को लेकर खासा उत्साह देखा गया। श्रद्धालु शुभ-मंगल के दाता भगवान गणेश प्रतिमाएं लेने के लिए शहर के मूर्तिकारों के यहां पहुंचे ।गणपति बप्पा मोरया…. मंगल मूर्ति मोरया के जयकारों से झांकी पंडाल गूंजते रहे।

घर दुकानों में विराजे रिद्धि सिद्धि के दाता भगवान विनायक….

रिद्धि सिद्धि के दाता एक दन्त विनायक की मनमोहक प्रतिमाओं को विराजित कर पूरे विधि विधान से भक्तों द्वारा शुभ मुहूर्त में की पूजन।श्री गणेश गणपति को मोदक सेव ककड़ी कैला आदि का भोग लगाकर की गई पूजा अर्चना।

कई ग्रामीण अंचलों से रायसेन मूर्तिकारों के घर दुकानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से मूर्तियाँ ले जाई जा रही थीं। वहीं कुछ श्रद्धालु मोटरसाइकिल पर तो भक्त कार ऑटो में मूर्तियां लेकर जाते नजर आए।

शुभ मुहूर्त में पंडालों में पूरे विधि विधान से विराजे विघ्नहर्ता भगवान लंबोदर।बुधवार को भगवान गणेश का दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन से गणेशोत्सव की शुरुआत को और भी शुभ माना जा रहा है। शहर से लेकर गांव तक गणपति बप्पा मोरया के जयघोष गूंजते नजर आ रहे हैं।मूर्तिकारों ने दिया फाइनल टच… पर्यावरण हितैषी मूर्तियों की बढ़ी मांगविघ्नहर्ता को घर लाने शहर से गांव तक उल्लास…..

शहर के गंजबाजार निवासी फेमस मूर्तिकार लखन चक्रवर्ती ,राधेश्याम चक्रवर्ती, सुनील महोबिया, रवि चक्रवर्ती नरापुरा बताते हैं कि वे पिछले 20 -30 वर्षों से गणेश दुर्गाजी की प्रतिमाएं बना रहे हैं। इस बार भी उन्होंने केवल शुद्ध मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार की हैं। वे कहते हैं हम रात-दिन काम कर रहे हैं। एक मूर्ति बनाने में लगभग 60 दिन लगते हैं। इसके लिए चिकनी मिट्टी को कपड़े से छानकर कंकड़ रहित किया जाता है, फिर धीरे-धीरे मूर्ति का आकार लेकर उसमें कलात्मक सजावट की जाती है। बिहारी प्रजापति का कहना है कि मूर्तियां बनाने का सिलसिला गर्मियों से ही शुरू हो जाता है। एक फीट से लेकर नौ फीट तक की प्रतिमाएं इस बार तैयार हुई हैं, जिनकी कीमत 1000 रुपए से लेकर 13000 से 15000 रुपए तक रखी गई है। हालांकि, इस बार मौसम की मार के कारण उत्पादन थोड़ा कम हुआ है, लेकिन भक्तों की जरूरतों को पूरा करने लायक प्रतिमाएं उपलब्ध हैं।

झांकी पंडालों में दिखेगा नया रूप….

जिले में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठन भव्य पंडाल तैयार कर गजानन को विराजित किया। कई जगहों पर थीम पर्व आधारित झांकियां लगाई जा रही हैं, जिनमें धार्मिक कथाओं और सामाजिक संदेशों को दर्शाया जाएगा। विशेषकर युवा वर्ग उत्साहपूर्वक सजावट और आयोजन में हिस्सा ले रहा है।

बुधवार 27 सितंबर यानी आज से जिलेभर में गणेशोत्सव की शुरुआत होने जा रही है।दस दिवसीय भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही शहर से लेकर गांव तक माहौल भक्तिमय हो गया । इस पर्व को लेकर तैयारियां चरम पर हैं। जगह-जगह पंडाल सजाए जा रहे हैं, आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्थाएं की जा रही हैं और मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। दस दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर इस बार एक खास पहल देखने को मिल रही है।

 

 

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